ब्रह्मपुरा ने खोली पंजाब सरकार की पोल, कहा-किसानों की लावारिस पड़ी और सत्ताधारी विधायक फोटो खिंचवाने में व्यस्त

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 17 Apr, 2026 07:19 PM

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शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष, खडूर साहिब हलके से पूर्व विधायक व इंचार्ज रविंद्र सिंह ब्रह्मपुरा ने आज अहम सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर बड़ा सियासी हमला बोला।

जैतों (रघुनंदन पराशर): शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष, खडूर साहिब हलके से पूर्व विधायक व इंचार्ज रविंद्र सिंह ब्रह्मपुरा ने आज अहम सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर बड़ा सियासी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों की फसल लावारिस पड़ी है, जबकि सत्ताधारी पार्टी के विधायक बिना कोई ठोस व्यवस्था किए सिर्फ फोटो सेशन करवाकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि पंजाब सरकार ने गेहूं खरीद से संबंधित छूट लेने के लिए कागजी कार्रवाई बहुत देर से शुरू की। भारतीय खाद्य निगम (FCI) और केंद्र सरकार की चिट्ठियों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ब्रह्मपुरा ने कहा कि दस्तावेजों में साफ है कि पंजाब सरकार ने 9 अप्रैल को पत्र जारी किया, FCI पंजाब ने 16 अप्रैल को आगे भेजा और केंद्र से अंतिम मंजूरी 17 अप्रैल को मिली।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब 17 अप्रैल तक खरीद की कोई पक्की मंजूरी ही नहीं थी, तो सत्ताधारी विधायक मंडियों में जाकर किसानों को क्या भरोसा दे रहे थे? उन्होंने कहा कि कागजी प्रक्रियाओं में उलझी सरकार की इसी नाकामी के कारण खडूर साहिब समेत पूरे पंजाब की मंडियों में किसान परेशान हुए हैं। हाल ही में स्थानीय विधायक को भी मंडियों में किसानों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जो सरकार की विफलता का परिणाम है।

एक और बड़ा खुलासा करते हुए ब्रह्मपुरा ने भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा 17 अप्रैल को जारी स्वीकृति पत्र का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद में छूट को मंजूरी दी है, जिसके तहत चमक कम होने पर 70 प्रतिशत और सिकुड़े दानों पर 15 प्रतिशत तक छूट दी गई है। लेकिन इस पत्र में यह स्पष्ट शर्त भी लगाई गई है कि इस छूट के कारण होने वाला पूरा वित्तीय नुकसान और संचालन खर्च सिर्फ पंजाब सरकार को ही उठाना होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र की इस चिट्ठी ने पंजाब सरकार को आईना दिखा दिया है और उसकी जिम्मेदारी तय कर दी है।

ब्रह्मपुरा ने आगे कहा कि अब जब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है, तो ‘आप’ सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। शिरोमणि अकाली दल ने मांग की है कि पंजाब सरकार तुरंत अपने खजाने से पैसे का प्रबंध करे और किसानों की गेहूं बिना किसी कटौती के तुरंत खरीदी जाए।

उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि किसानों के खाते से एक भी रुपया काटा गया या मंडियों में उनकी परेशानी जारी रही, तो शिरोमणि अकाली दल किसानों के हक में जोरदार संघर्ष करेगा और आने वाले दिनों में सत्ताधारी नेताओं का गांवों में घेराव किया जाएगा।

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