यूएस ट्रेड समझौते को लेकर पंजाबियों को गुमराह कर रही है ‘AAP’, BJP का बड़ा आरोप

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 05 Feb, 2026 07:47 PM

bjp makes a big accusation aap is misleading punjabis regarding the us trade ag

भारत और अमेरिका के बीच कर-मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) को लेकर डेयरी उत्पादों या कृषि क्षेत्र से संबंधित अब तक कोई भी समझौता नहीं हुआ है। इस मुद्दे पर किसानों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है। यह खुलासा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रीतपाल...

चंडीगढ़ : भारत और अमेरिका के बीच कर-मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) को लेकर डेयरी उत्पादों या कृषि क्षेत्र से संबंधित अब तक कोई भी समझौता नहीं हुआ है। इस मुद्दे पर किसानों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है। यह खुलासा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियेवाल ने आज चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी भी मौजूद रहे।

बलियेवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि प्रस्तावित ट्रेड समझौते से पंजाब की खेती और डेयरी फार्मिंग को नुकसान होगा, जबकि वास्तविकता यह है कि इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम मसौदा तैयार ही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार बिना किसी दस्तावेज के डर का माहौल बना रही है।

उन्होंने आम आदमी पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास किसी भी तरह के समझौते की प्रति मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। बलियेवाल ने बताया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और प्रख्यात उद्योगपति राजिंदर गुप्ता पहले ही इस समझौते को लाभकारी बता चुके हैं, वहीं पार्टी के कैबिनेट मंत्री संजय अरोड़ा भी इसे पंजाब के हित में बता रहे हैं। दूसरी ओर, ‘आप’ के कई नेता इसे पंजाब और किसानों के खिलाफ करार दे रहे हैं।
 
बलियेवाल ने कहा कि यदि ‘आप’ को यह समझौता वास्तव में किसानों के खिलाफ लगता है, तो उसे अपनी सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष इसका आधिकारिक विरोध दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि किसानों को सच्चाई से दूर रखकर राजनीति करना उचित नहीं है।

किसानों से अपील करते हुए प्रीतपाल सिंह बलियेवाल ने कहा कि वे किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार का शिकार न बनें। उन्होंने दावा किया कि यदि भविष्य में कोई व्यापारिक समझौता होता भी है, तो वह किसानों और डेयरी उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में निवेश और आय दोनों में वृद्धि होगी।

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