‘जख्म 84 के' विषय पर चंडीगढ़ में 4 नवंबर को होगा कॉन्क्लेव

Edited By Kamini,Updated: 31 Oct, 2026 05:00 PM

bjp is organizing conclave in chandigarh

1984 के सिख कत्लेआम के जख्म न तो भूलने वाले हैं और न ही इन्हें भरा जा सकता है।

लुधियाना/चंडीगढ़ : 1984 के सिख कत्लेआम के जख्म न तो भूलने वाले हैं और न ही इन्हें भरा जा सकता है। चार दशक से अधिक पुरानी इस त्रासदी की पीड़ा को 1984 के बाद जन्मी नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी 4 नवंबर को चंडीगढ़ में 'जख्म 84 के' नाम से कॉन्क्लेव का आयोजन कर रही है।

लुधियाना में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य सिर्फ इतिहास के एक दुखद अध्याय को याद करना नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सच, पीड़ितों के संघर्ष, इंसाफ की लंबी लड़ाई और पुनर्वास के प्रयासों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को इतिहास से सीखने और लोकतांत्रिक व न्याय प्रणाली में जवाबदेही के महत्व को उजागर करने का मौका देते हैं। ढिल्लों ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रदर्शनी से होगी, जिसमें 1984 के कत्लेआम से संबंधित तस्वीरों और घटनाओं को नई पीढ़ी के सामने रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में उद्घाटन सत्र के अलावा पांच विशेष सत्र होंगे।

उद्घाटन सत्र में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार केस में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों के वकील रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद मुख्य वक्ता होंगे। पहला सत्र 'नरसंहार कब और कैसे हुआ' विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें 1984 के पीड़ित आपबीती साझा करेंगे। दूसरा सत्र 'क्या नरसंहार एक साजिश थी?' विषय पर होगा। इस चर्चा में दशकों तक पीड़ितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एच.एस. फूलका, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन तरलोचन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह विचार साझा करेंगे।

ढिल्लों के अनुसार तीसरा सत्र 'इंसाफ का कत्ल' विषय पर होगा, जिसमें पीड़ितों को इंसाफ से दूर रखने, सबूतों को नष्ट करने और मुल्जिमों को सियासी संरक्षण देने पर चर्चा होगी। चौथा सत्र 'दोषियों को सजा - भाजपा के प्रयास' पर होगा, जिसमें पीड़ितों को बचाने से लेकर इंसाफ दिलाने तक के प्रयासों पर बात होगी। कॉन्क्लेव के अंतिम व पांचवें सत्र में पीड़ित परिवारों के पुनर्वास पर चर्चा होगी, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शिरकत करेंगे और भाजपा सरकारों द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताएंगे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!