Edited By Vatika,Updated: 10 Jun, 2026 09:37 AM

बरनाला के गाँव फतेहगढ़ छन्ना में स्थित आई.ओ.एल. केमिकल फैक्ट्री में बीती रात एक भयानक हादसा होने से
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला के गाँव फतेहगढ़ छन्ना में स्थित आई.ओ.एल. केमिकल फैक्ट्री में बीती रात एक भयानक हादसा होने से टल गया। फैक्ट्री के एक यूनिट में अचानक हुए जोरदार धमाके और आगजनी के बावजूद, वहाँ काम कर रहे कर्मचारियों की सूझबूझ और प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। समय रहते उठाए गए कदमों से जान और माल दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई।
कर्मचारियों की सूझबूझ से सुरक्षित बची जान
फैक्ट्री अधिकारी बसंत सिंह जवंधा ने हादसे के संदर्भ में बताया कि रात करीब 10:00 बजे यूनिट नंबर 9 में तीन श्रमिक रोजाना की तरह अपना काम कर रहे थे। इसी दौरान 'मोनेक्सी' दवा बनाने वाले एक बड़े टैंक का तापमान (टेंपरेचर) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। इससे पहले कि टैंक पूरी तरह ब्लास्ट होता, वहाँ मौजूद तीनों वर्करों ने खतरे को भांप लिया और तुरंत यूनिट से बाहर की ओर दौड़ पड़े। उनके बाहर निकलते ही टैंक में जोरदार धमाका हुआ। कर्मचारियों की इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण तीनों की जान बाल-बाल बच गई और फैक्ट्री में कोई बड़ा मानवीय हादसा होने से रुक गया। प्रबंधन के अनुसार, सुरक्षा उपकरणों के सही समय पर काम करने के कारण माली नुकसान भी बेहद सीमित रहा।
डीसी और एसएसपी ने आधी रात को लिया सुरक्षा का जायजा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह और जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) मोहम्मद सरफराज आलम रात को ही दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने पूरी यूनिट का मुआयना किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह ने राहत की सांस लेते हुए बताया
"रात 10:00 बजे आगजनी की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत हरकत में आ गईं। महज 14 मिनट के भीतर, यानी रात 10:14 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पाकर उसे फैलने से रोक दिया गया। इस घटना में जान-माल का कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित है।"