Edited By Urmila,Updated: 28 Jun, 2026 12:37 PM

जिला बरनाला के अंतर्गत आते कस्बा भदौड़ में सरकारी तंत्र और नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): जिला बरनाला के अंतर्गत आते कस्बा भदौड़ में सरकारी तंत्र और नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है, जहां आम जनता की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से तैयार किया गया नया बस स्टैंड प्रशासनिक नाकामी के कारण महज एक 'सफेद हाथी' साबित हो रहा है। इस गंभीर मुद्दे और शहर में दिन-ब-दिन बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर अब स्थानीय नेतृत्व और जनता ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस जन समस्या के समाधान के लिए अब उच्च स्तरीय संपर्क शुरू हो चुका है।
लाखों के प्रोजेक्ट पर फिरा पानी: सवारियां खजल-खराब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भदौड़ शहर के विकास और लोगों को बेहतर यात्रा सुविधाएं देने के दावे के साथ लाखों रुपये खर्च करके नए बस स्टैंड का निर्माण किया गया था। लेकिन अफसोस की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद भी बस चालक अपनी बसों को बस स्टैंड के अंदर ले जाने के बजाय, मुख्य सड़क पर ही सवारियों को चढ़ाते और उतारते हैं। इस मनमानी के कारण जहां आम सवारियों को सड़कों पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है और भारी परेशानी (खजल-खराबी) का सामना करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
ट्रैफिक जाम ने लिया विकराल रूप
बसों के सड़कों पर बेतरतीब खड़े होने के कारण भदौड़ शहर के अंदर ट्रैफिक की समस्या बेकाबू होती जा रही है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे न केवल राहगीरों और दुकानदारों को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है, बल्कि आपातकालीन सेवाएं जैसे कि एम्बुलेंस भी इस जाम में फंस जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर लाखों रुपये लगाकर भी बसें सड़कों पर ही खड़ी होनी हैं, तो ऐसे निर्माण का जनता को क्या फायदा?
पूर्व अध्यक्ष मनीष गर्ग द्वारा एसएसपी से विशेष मुलाकात
शहर की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर काउंसिल भदौड़ के पूर्व अध्यक्ष मनीष कुमार गर्ग द्वारा एक अहम और सराहनीय कदम उठाया गया है। उन्होंने इस लोक-मारू समस्या के स्थायी समाधान के लिए बरनाला जिले के पुलिस कप्तान मोहम्मद सरफराज आलम के साथ एक उच्च स्तरीय विशेष मुलाकात की। बैठक के दौरान मनीष गर्ग ने एसएसपी के संज्ञान में लाया कि बस चालकों की लापरवाही के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी है। सरकारी खजाने से लाखों रुपये लगाकर बनाया गया बस स्टैंड बसों के अंदर न जाने के कारण बेकार साबित हो रहा है। राहगीरों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने अनिवार्य हैं।
एसएसपी बरनाला का आश्वासन
पूर्व अध्यक्ष की दलीलों और जनता की तकलीफों को सुनने के बाद एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम ने मौके पर ही विश्वास दिलाया कि पुलिस प्रशासन इस मसले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने वादा किया कि ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने और बसों को बस स्टैंड के अंदर भेजने के लिए जल्द ही सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद भदौड़ के लोगों को इस दैनिक नारकीय जाम और परेशानी से कब तक निजात मिलती है, या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा रह जाएगा।
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