गठजोड़ टूटने के बाद पार्टियों को मजबूत करने में जुटे अकाली दल और भाजपा

Edited By Tania pathak,Updated: 16 Oct, 2020 09:47 AM

akali dal and bjp engaged in strengthening parties

पंजाब की राजनीति इतनी तेजी से बदल रही है कि नए-नए समीकरण सामने आ रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए मात्र एक वर्ष...

पठानकोट (शारदा): पंजाब की राजनीति इतनी तेजी से बदल रही है कि नए-नए समीकरण सामने आ रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए मात्र एक वर्ष का समय शेष रह गया है जो राजनीतिक दृष्टिकोण से बहुत कम है। अकाली दल अपनी पुरानी कारगुजारी के चलते अपना राजनीतिक आधार पुन: पाने का प्रयास कर रहा है। 

इसी बीच कृ षि सुधार के नाम से केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों को लेकर किसान विरोध पर उतर आए और अंतत: अकाली दल को भाजपा से अपना नाता तोडऩा पड़ा। 

अब इस टूट चुके गठजोड़ के बाद भाजपा व अकाली दल ने अलग-अलग चुनाव लडऩे का फैसला ले लिया है। इसके चलते अकाली दल व भाजपा दोनों अपनी पाॢटयों को मजबूत करने में जुट गए हैं।

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