Edited By Urmila,Updated: 02 Aug, 2026 02:33 PM

पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और माता-पिता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी निर्देशों के बावजूद...
गुरदासपुर (विनोद/हरजिंदर सिंह गोराया): पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और माता-पिता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी निर्देशों के बावजूद, जिला गुरदासपुर के 56 प्राइवेट स्कूलों ने अभी तक अपना फीस स्ट्रक्चर और अन्य जरूरी डेटा शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है, जिसे शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर फीस रेगुलेटरी कमेटी के चेयरमैन हैं और वह समय-समय पर इस पूरी प्रक्रिया का खुद रिव्यू कर रहे हैं, ताकि सरकार के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बाकी रहे स्कूलों को सुविधा देने के लिए शनिवार को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लडक़े), गुरदासपुर में एक विशेष बैठक हुई थी। इस मौके पर एस.आई.एस. कोऑर्डिनेटर और उनकी टीम दिन भर मौजूद रही, ताकि पोर्टल पर डेटा अपलोड करने से जुड़ी कोई भी टेक्निकल प्रॉब्लम स्कूलों द्वारा तुरंत सॉल्व की जा सके।
मीटिंग के दौरान डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर अनिल शर्मा, डी.आर.सी. अशोक कुमार, राहुल, सुमित सुमार और दूसरे संबंधित अधिकारी/कर्मचारी भी मौजूद थे।
उन्होंने स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स को पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के लिए हर मुमकिन टेक्निकल और एडमिनिस्ट्रेटिव मदद दी। लेकिन दुख की बात है कि इसके बावजूद बहुत कम स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स मीटिंग में शामिल हुए और डिपार्टमेंट द्वारा दी जा रही मदद का फायदा उठाया।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर संबंधित स्कूल सोमवार दोपहर 12 बजे तक अपना फीस स्ट्रक्चर और जरूरी डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं करते हैं, तो वह डिप्टी कमिश्नर और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों को लिख कर इन स्कूलों के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पूरी ट्रांसपेरेंसी लाने और पेरेंट्स के हितों की रक्षा के लिए सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे तय समय के अंदर अपना फीस स्ट्रक्चर, दूसरी जरूरी डिटेल्स और जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने साफ किया कि समय सीमा खत्म होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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