Edited By Kamini,Updated: 18 Apr, 2026 01:55 PM

विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इसी बीच विदेश भेजने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
पंजाब डेस्क: विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इसी बीच विदेश भेजने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक वीजा कंसल्टेंट कंपनियों में काम कर चुकी एक महिला ने हैरानीजनक खुलासे किए हैं। महिला ने बताया कि, कनाडा में रहने वाले PR दिलाने के बहाने स्पॉन्सरशिप का गलत इस्तेमाल किया जाता है। महिला ने बताया कि कई इमिग्रेशन सेंटर पर युवाओं को लाखों ऐंठ कर उन्हें फर्जी दस्तावेजों पर विदेश जा रहा है। महिला ने कहा कि अधूरे दस्तावेजों को पूरा करने के बदले में लाखों रुपए लिए जाते हैं और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार करके युवाओं को कनाडा भेजा जाता है।
स्टूडेंट वीजा के नाम पर धोखाधड़ी
महिला ने बताया कि इमिग्रेशन सेंटर में जब युवक-युवतियां आते हैं तो उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाए जाते हैं। कनाडा लग्जरी लाइफ के बारे में बताकर उनसे दस्तावेज मांगे जाते हैं। महिला ने दावा किया है कि, इसके बाद स्टूडेंट्स वीजा की फाइल के लिए दिए हुए दस्तावेज अधूरा बोलकर तैयार करने की बात कही जाती है। फिर युवाओं से लाखों रुपए लिए जाते हैं।
कई फर्मे फर्जी दस्तावेत करते हैं तैयार
महिला ने ये भी दावा किया है कि, इमिग्रेशन के एजेंट युवाओं के दस्तावेजों को अधूरा बताते हैं। उसके बाद शैक्षणिक रिकार्ड और बैंक स्टेटमैंटसे छेड़छाड़ करते हैं। यही नहीं पंजाब में काम करने वाली कई फर्मी पेपर तैयार करते देती है जोकि बिल्कुल असली नजर आते हैं। एक नजर में कोई भी धोखा खा सकता है।
कॉलेज की महंगी फीस भर करते हैं काम
महिला ने बताया कि एजेंट स्टूडेंट्स का दाखिला ऐसे में कॉलेजों में करवा देते हैं जहां पर ठीक से बैठने का इंतजाम भी नहीं है। कॉलेज महज एक कमरे में चल रहे हैं। ऐसे में फर्जी लेटर ऑफ असेप्टेंस मंगवाते हैं। इसके बाद स्टूडेंट वीजा तैयार किया जाता है। सीधा कहें तो वन रूम कॉलेज का सहारा लिया जाता है। स्टूडेंट्स इन कॉलेजों की फीस 25000 डॉलर सालाना भरते हैं। लेकिन वह पढ़ाई की बजाय पूरा ध्यान काम पर लगा देते हैं। अपने खर्चे पूरे करने के लिए दिन-रात काम में जुट जाते हैं। जब स्टूडेंट्स कनाडा में पहुंचते हैं तो उन्हें कॉलेज वाले एक दिन आने के लिए कहते हैं और युवक काम करने लग जाते हैं।
स्पॉन्सरशिप का गलत इस्तेमाल
महिला ने ये भी दावा किया है कि है कि इमिग्रेशन सेंटर वाले स्पॉन्सरशिप मंगवाते हैं और फिर इसे एडिट करके अलग-अलग तैयर करके अलग-अलग युवाओं को देकर कनाडा भेजा जाता है। एक स्पॉन्सशिप पर 10-10 लोगों को भेजा दिया जाता है। कनाडा से पार्टी, शादी का इंवीटेशन का कार्ड मंगवाया जाता है। अलग-अलग नाम से कार्ड तैयार करके युवाओं को कनाडा भेजा जाता है।
भारत से कनाडा भेजने की पूरी सेटिंग
महिला ने ये भी दावा किया है कि, एजेंट जिन्हें विदेश भेजते हैं उनस कहते हैं कि, टिकट एयरपोर्ट पर ही मिलेगी। इस दौरान भारतीय एयरपोर्ट पर स्पॉन्सर को फोन करके वेरीफाई नहीं किया जाता है। टिकट देकर उनकी सेटिंग कनाडा में एयरपोर्ट तक करवाई जाती है। कनाडा पहुंचने के बाद भी उनकी कोई चेकिंग नहीं होती है। ऐसे में युवा फर्जी दस्तावेजों पर कनाडे पहुंच जाते हैं।
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