Edited By Kamini,Updated: 27 Oct, 2025 12:20 PM
पंजाब डेस्क: अमेरिका जाने की चाह रखने वाले पंजाबियों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। दरअसल, अमेरिका में भारतीय ड्राइवरों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका में हाल ही में सिख ट्रक ड्राइवरों से जुड़े 2 दर्दनाक सड़क हादसों के बाद उन्हें जारी किए ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इन दोनों हादसों में ड्राइवरों की लापरवाही के कारण 6 लोगों की जान चली गई। सबसे बड़ी बात जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ड्राइवर गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए थे। इसी के साथ अब अमेरिका में भारत से गए 1 लाख से ज्यादा प्रवासी ट्रक ड्राइवर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
इन घटनाओं के बाद अमेरिकी परिवहन विभाग की ओर से की गई एक व्यापक संघीय ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई राज्यों में ट्रक ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में भारी अनियमितताएं हुई हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि कई राज्यों ने संघीय मानकों की अनदेखी करते हुए ऐसे लोगों को भी लाइसेंस दे दिए जिनके पास न तो वैध इमिग्रेशन दस्तावेज थे और न ही आवश्यक अंग्रेजी दक्षता।
कैलिफोर्निया उन राज्यों में शामिल है जहां सबसे ज़्यादा गड़बड़ियां सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार वहां जारी किए गए गैर-निवासी CDL में से लगभग 25% लाइसेंस गलत तरीके से जारी हुए। कई मामलों में ड्राइवरों के वीजा या कानूनी प्रवास की अवधि समाप्त होने के महीनों बाद तक भी लाइसेंस वैध बने रहे। इन खुलासों के बाद अमेरिकी प्रशासन ने बगैर दस्तावेज वाले प्रवासी ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस कदम का असर उन हजारों भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों पर भी पड़ सकता है जो अमेरिका के विभिन्न राज्यों में काम कर रहे हैं।
हालांकि रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं करती कि सभी भारतीय मूल के ड्राइवर इसमें शामिल हैं, लेकिन कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में हुए 2 हाई-प्रोफाइल हादसों ने देश में अवैध प्रवासियों के मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है और परिवहन विभाग पर सख्त नियामक कदम उठाने का दबाव बढ़ा दिया है।
फ्लोरिडा हादसे के बाद चौंकाने वाला खुलासा
अगस्त महीने में फ्लोरिडा में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने अमेरिकी ट्रकिंग सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है। इस दुर्घटना में पंजाब के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह की लापरवाही के कारण 3 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि हरजिंदर सिंह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था और उसके पास वैध इमिग्रेशन दस्तावेज नहीं थे। जानकारी के अनुसार, हरजिंदर सिंह ने अपना वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) पाने से पहले 10 मार्च 2023 से 5 मई 2023 के बीच कुल 10 बार लिखित परीक्षा में असफलता पाई थी। इतना ही नहीं, वह 2 बार एयर-ब्रेक ज्ञान परीक्षण में भी फेल हुआ था। वॉशिंगटन स्थित उस ट्रकिंग ट्रेनिंग कंपनी ने, जिसने हरजिंदर को ड्राइविंग सिखाई थी, यह प्रमाणित किया था कि वह अंग्रेज़ी भाषा में पर्याप्त रूप से दक्ष है। हालांकि, फ्लोरिडा के स्थानीय वकीलों का कहना है कि यह प्रमाणपत्र झूठा था। इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी बार परीक्षा में फेल होने और कानूनी स्थिति संदिग्ध होने के बावजूद उसे ड्राइविंग लाइसेंस कैसे मिल गया। इस घटना के बाद अमेरिकी परिवहन विभाग पर CDL लाइसेंस प्रणाली की सख्त समीक्षा का दबाव और बढ़ गया है।
कैलिफ़ोर्निया हादसे में गिरफ्तार ट्रक ड्राइवर ऐसे पहुंचा था अमेरिका
अमेरिका के दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में हाल ही में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने फिर से प्रवासी ड्राइवरों की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में भारतीय मूल (पंजाब) के 21 वर्षीय जशनप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय जशनप्रीत नशे की हालत में ट्रक चला रहा था। जशनप्रीत सिंह वर्ष 2022 में गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुआ था। मार्च 2022 में कैलिफ़ोर्निया के एल सेंट्रो सेक्टर में सीमा सुरक्षा एजेंटों ने उसे पकड़ लिया था, लेकिन उस समय उसे बाइडन प्रशासन की नीति के तहत रिहा कर दिया गया। उस नीति के अनुसार, जिन प्रवासियों के मामलों की सुनवाई जारी रहती है, उन्हें अस्थायी रूप से देश में रहने की अनुमति दी जाती थी।
यह हादसा और इसके बाद सामने आए तथ्य यह दिखाते हैं कि अमेरिका में बिना कानूनी दर्जे वाले ड्राइवर किस तरह वाणिज्यिक वाहनों का संचालन कर रहे हैं। अब परिवहन और आव्रजन विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं। इस घटना के बाद गैर-दस्तावेजी प्रवासियों पर निगरानी और CDL लाइसेंस के नियमों को और कड़ा करने की संभावना बढ़ गई है।
ट्रक ड्राइवरों से बढ़ सकता है भेदभाव
हाल के सड़क हादसों और संघीय जांच रिपोर्टों के बाद अमेरिका में भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों के लिए माहौल चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। बड़ी संख्या में पंजाब प्रवासी ड्राइवर जो कानूनी रूप से काम कर रहे हैं, अब लाइसेंस रद्द होने या नौकरी खोने के खतरे का सामना कर रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं के चलते पंजाब ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ भेदभाव और निगरानी और बढ़ सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बिना दस्तावेज वाले प्रवासी ड्राइवरों को अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। कई भारतीय ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें पहले से ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा बार-बार रोका जाता है, और अब यह कार्रवाई और कठोर हो सकती है।
अमेरिकी प्रशासन उठाने जा रहा बड़ा कदम
फ्लोरिडा ने कैलिफ़ोर्निया और वॉशिंगटन जैसे राज्यों पर यह आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि वहां अवैध प्रवासियों को वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) जारी किए गए। इस बीच, अमेरिकी परिवहन विभाग (DOT) ने ट्रक ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी भाषा की योग्यता अनिवार्य रूप से लागू करनी शुरू कर दी है। इस नियम का पालन न करने पर कैलिफोर्निया को जुर्माना भी लगाया गया था।
इसके साथ ही, सरकार ने विदेशी ट्रक ड्राइवरों को नए वर्क वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। नए नियमों के अनुसार, अब ग़ैर-नागरिकों को CDL लाइसेंस तभी मिलेगा जब उनके पास वैध रोजगार-आधारित वीजा होगा और वे संघीय इमिग्रेशन जांच में पात्र पाए जाएंगे। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि जो राज्य इन नए मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें संघीय हाईवे फंडिंग से वंचित किया जा सकता है। इन कदमों से जहां सड़क सुरक्षा मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है, वहीं भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों में यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं इन नीतियों का असर उनके वैध रोजगार और प्रतिष्ठा पर न पड़ जाए।
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