सीचेवाल मॉडल के अंतर्गत बनाए जाएंगे 55 तालाब, 11 साइटों पर निर्माण कार्य शुरू

Edited By Tania pathak,Updated: 08 Aug, 2020 05:53 PM

55 ponds to be built under seachewal

बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा डिजाइन किया गया ये मॉडल धरती नीचे पानी को रिचार्ज करने में मदद करेगा और सीवरेज के पानी को साफ कर कृषि के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। वही थापर...

पंजाब: जालंधर जिले में अलग-अलग 11 ब्लॉकों में सीचेवाल और थापर मॉडल के अंतर्गत 55 तालाब विकसित करने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा चालू वित्तवर्ष के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के अंतर्गत तालाब बनाए जाएंगे। सभी 11 ब्लॉकों में पांच मॉडल तालाब बनाने की योजना है। प्रत्येक तालाब के निर्माण पर 16-17 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है।

बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा डिजाइन किया गया ये मॉडल धरती नीचे पानी को रिचार्ज करने में मदद करेगा और सीवरेज के पानी को साफ कर कृषि के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। वही थापर मॉडल पटियाला में थापर विश्वविद्यालय द्वारा डिज़ाइन किया गया है, अपशिष्ट जल के उपचार और उपयोग के लिए तकनीकी रूप से परिष्कृत मॉडल है।

इस मॉडल के अंतर्गत गांव के सीवरेज के पानी को एक तालाब में इकट्ठा कर फिल्टर मैश से खत्म किया जाता है। इसके बाद पानी को तीन तालाबों के जरिए साफ़ किया जाता है,  पहले तालाब में सीवरेज के पानी में से गार अलग होती है, दूसरे में तेल, चिकनाई, घी और तीसरे में सूरज की रौशनी से पानी साफ़ होगा। इस मॉडल के अंतर्गत शुरूआती रिसर्च के बाद अब काम शुरू हो चुका है। मॉडल से कृषि व्यवसाय को मदद मिल सकेगी। इससे सिंचाई प्रक्रिया में भी आसानी होगी और किसानों को अन्य स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे कुदरती तरीके से सीवरेज के पानी को फिल्टर कर खेतों को सप्लाई करना संभव है। इस मॉडल से जमींदोज पानी भी बचेगा।

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