Edited By Sunita sarangal,Updated: 23 Oct, 2026 06:04 PM

यह जांच नंगल ब्लॉक के 'द रेनेसांस सीनियर सेकेंडरी स्कूल' और श्री आनंदपुर साहिब ब्लॉक के 'माउंट कार्मेल स्कूल' में की गई।
रूपनगर(विजय शर्मा): स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 'सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी' का सख्ती से पालन कराने के उद्देश्य से, क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आर.टी.ओ.) ने रूपनगर जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, नंगल और श्री आनंदपुर साहिब ब्लॉक के दो स्कूलों की कुल 45 बसों की गहन जांच की गई, जिनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाली 18 बसों का चालान काटा गया।
यह जांच नंगल ब्लॉक के 'द रेनेसांस सीनियर सेकेंडरी स्कूल' और श्री आनंदपुर साहिब ब्लॉक के 'माउंट कार्मेल स्कूल' में की गई। इस दौरान, विभिन्न विभागों की एक संयुक्त टीम ने स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों और अनिवार्य सुविधाओं की जांच की। जांच के समय, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ए.आर.टी.ओ.) सरबजीत सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और 'सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी' का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल प्रशासकों और वाहन संचालकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधियों ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना स्कूल प्रशासकों, वाहन चालकों और संबंधित विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसलिए, हर स्कूल बस का सुरक्षा मानकों को पूरा करना और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
जांच अभियान के दौरान, स्कूल बसों में स्पष्ट मार्किंग, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, फर्स्ट एड बॉक्स और सी.सी.टी.वी. कैमरों की मौजूदगी जांची गई। इसके अलावा, फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), स्पीड गवर्नर, इमरजेंसी एग्जिट, वैध बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, आवश्यक परमिट और अन्य निर्धारित सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। साथ ही, बस चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, उनके अनुभव, पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की गई। स्कूल बसों में महिला अटेंडेंट की तैनाती और बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिए की गई व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इस विशेष जांच अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय परिवहन विभाग की टीमों ने हिस्सा लिया। जिला प्रशासन ने स्कूल प्रशासकों और स्कूली वाहनों के संचालकों से अपील की कि वे 'सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी' के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि स्कूल जाते समय बच्चों की सुरक्षा बनी रहे। इस तरह के जांच अभियानों का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्कूली बच्चों के लिए एक सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
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