Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Oct, 2026 06:28 PM

नगर कौंसिल बाघापुराना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शहर के वोटरों के लिए अपने वार्ड के प्रतिनिधि को वोट के जरिए चुनने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले के बाद कई वर्षों से नगर कौंसिल की चुनी हुई नुमाइंदगी का इंतजार कर रहे...
बाघापुराना (अजय अग्रवाल): नगर कौंसिल बाघापुराना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शहर के वोटरों के लिए अपने वार्ड के प्रतिनिधि को वोट के जरिए चुनने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले के बाद कई वर्षों से नगर कौंसिल की चुनी हुई नुमाइंदगी का इंतजार कर रहे शहरवासियों को दोबारा अपने ‘MC’ का चुनाव अपने वोट के अधिकार से करने का मौका मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, नगर कौंसिल की कमेटी को भंग करने और चुनाव करवाने से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इस मामले में शिरोमणि अकाली दल की ओर से याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब बाघापुराना के वोटरों में नगर कौंसिल चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नगर कौंसिल चुनाव स्थानीय स्तर पर लोगों की नुमाइंदगी तय करने का अहम जरिया हैं। वोटर अपने-अपने वार्ड से उम्मीदवार का चुनाव कर अपनी पसंद के प्रतिनिधि को नगर कौंसिल में भेज सकेंगे। इससे वार्डों से जुड़े स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर चुने हुए प्रतिनिधियों की भूमिका भी अहम होगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर कौंसिल चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वार्ड स्तर पर लोगों से संपर्क, उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर भी सरगर्मी देखने को मिल सकती है।
अब बाघापुराना के वोटरों की नजर नगर कौंसिल चुनाव को लेकर अगली प्रक्रिया और आधिकारिक घोषणा पर रहेगी। कई वर्षों बाद अपने वार्ड की नुमाइंदगी के लिए वोट डालने का मौका मिलने से स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।