पड़ोसन की घिनौनी करतूत, पैसों के लालच में मासूम को बेचा

Edited By Sunita sarangal,Updated: 19 Jan, 2020 10:23 AM

disgusting neighbor sold innocent in money greed

गोद लेने वाले परिवार ने पुलिस को की शिकायत

जालंधर(कमलेश, सोमनाथ): जालंधर में नवजन्मी बच्ची को 1.50 लाख रुपए में बेचने का मामला सामने आया है। वडाला कालोनी की रहने वाली शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 10 साल पहले हुई थी, लेकिन वह मां नहीं बन पाई थी। इसके चलते उसने अपनी पड़ोसी महिला से बच्चा गोद लेने के बारे में बात की थी। 12 दिसम्बर को उन्हें पड़ोसी महिला का फोन आया कि सिविल अस्पताल में एक प्रवासी परिवार की महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया है, लेकिन महिला की पहले से 5 लड़कियां हैं जिसके चलते वह बच्ची को नहीं पाल सकती। अगर वह चाहे तो बच्ची को गोद ले सकती है, जिसके बाद शिकायतकर्ता महिला अपनी बेटी और दामाद के साथ सिविल अस्पताल में प्रवासी परिवार से मिलने के लिए गई, जहां पर उन्होंने प्रवासी परिवार से बच्ची को गोद लेने की बात की।

इसके बाद पड़ोसी महिला ने कहा कि वह बच्ची को अस्पताल से लेकर आएगी और उन्हें सौंप देगी। अगले दिन जब महिला से बच्ची के बारे में पूछा तो उसने कहा कि बच्ची बहुत प्यारी है और वह 2-3 दिन तक शौकिया तौर पर बच्ची को रखना चाहती है, जिस पर शिकायतकर्ता महिला राजी हो गई। थोड़े दिन बाद जब शिकायतकर्ता ने फिर से बच्ची के बारे में पूछा तो आरोपी महिला ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। उसने कहा कि उसे बच्ची के 1.50 लाख रुपए मिल रहे हैं, इसलिए वह बच्ची उसी परिवार को देगी, जो उसे पैसा दे रहा है। 

12 जनवरी को शिकायतकर्ता को पता चला कि पड़ोसी महिला ने बच्ची को लखनऊ के परिवार को दे दिया है, जिसके बाद महिला ने अपने परिवार के साथ रात को 11 बजे थाना नं.-6 की पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पड़ोसी महिला को थाने में बुलाया, जहां पर महिला ने कहा कि उसे बच्ची सिविल अस्पताल में गिरी हुई मिली थी, जिसके बाद वह उसे उठाकर अपने घर में ले आई थी। लखनऊ से उनका समधि परिवार आया हुआ था और वह बच्ची को रखना चाहते थे, जिसके चलते बच्ची उन्हें सौंप दी। महिला ने बच्ची को पैसों में बेचने के आरोपों को नकार दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को लखनऊ से जालंधर मंगवा लिया गया है। 

बच्ची को जन्म देने वाली महिला ने अस्पताल में लिखवाया था गलत पता
थाना नं.-6 के ए.एस.आई. राकेश कुमार मामले की जांच कर रहे हैं और फिलहाल बच्ची की कस्टडी पड़ोसी महिला के पास है। पुलिस का कहना है कि बच्ची को जन्म देने वाली महिला ने सिविल अस्पताल में जो पता लिखवाया था वह गलत है और पुलिस बच्ची के असल परिवार का पता चलने के बाद ही पूरे मामले की सही तरह से जांच कर पाएगी। विचित्र विडम्बना है कि जिस बच्ची ने अब तक ठीक से अपनी आंखें भी नहीं खोली हैं पुलिस उसको बेचे जाने के मामले की जांच कर रही है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर महिला को बच्ची सिविल अस्पताल में गिरी हुई मिली तो उसने पुलिस को शिकायत क्यों नहीं दी?

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