Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 Feb, 2025 07:23 PM

पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने अपनी चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के दौरान तरनतारन जिले के गांव कालीया के पूर्व सरपंच हरजीत सिंह और गांव सकतरा के मनजीत सिंह को बाढ़ से प्रभावित किसानों और अन्य के लिए मुआवजा फंडों में से 20 लाख रुपए का गबन करने के आरोप...
चंडीगढ़ : पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने अपनी चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के दौरान तरनतारन जिले के गांव कालीया के पूर्व सरपंच हरजीत सिंह और गांव सकतरा के मनजीत सिंह को बाढ़ से प्रभावित किसानों और अन्य के लिए मुआवजा फंडों में से 20 लाख रुपए का गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस बारे जानकारी देते विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने कहा कि ये गिरफ्तारियां 2019 तक गांव कालीया के सरपंच रहे हरनंद सिंह द्वारा दी गई शिकायत की जांच के बाद की गई हैं। शिकायत की जांच के दौरान यह पाया गया कि उपरोक्त आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर कुछ अयोग्य व्यक्तियों समेत लाभार्थियों के बैंक खातों को धोखाधड़ी के लिए खोला। फिर उन्होंने लाभार्थियों के खातों से संबंधित दस्तावेजों को अपने पास रख लिया ताकि वे पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए राहत फंडों को निकाल सकें और उनका दुरुपयोग कर सकें। प्रवक्ता ने आगे खुलासा किया कि राज्य के अधिकारियों ने इस गांव में फसलों आदि को हुए नुकसान के लिए मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये मंजूर किए थे और आरोपियों ने उस राशि में से कुल 20,11,475 रुपये का गबन किया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजीलेंस ब्यूरो के अमृतसर रेंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कल सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और विजीलेंस ब्यूरो की तरनतारन यूनिट इस मामले की और जांच कर रही है।