Edited By Vatika,Updated: 15 Nov, 2025 09:02 AM

तरनतारन उपचुनाव के नतीजे सामने आते ही पंजाब की राजनीति में एक नई
बरनाला (विवेक सिधवानी, रवि): तरनतारन उपचुनाव के नतीजे सामने आते ही पंजाब की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिली। जहां कई लोग इस चुनाव को सिर्फ एक हलके की लड़ाई मान रहे थे, वहीं नतीजों ने दिखा दिया कि शिरोमणि अकाली दल का असली जज्बा और उसका मजबूत अस्तित्व आज भी पंजाब की जनता के दिलों में कायम है।
तरनतारन का यह उपचुनाव, जिसे लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थी, उसके नतीजों ने साफ कर दिया कि अकाली दल एक बार फिर पंजाब की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। कई जगह दबाव और दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद वे डटकर खड़े रहे। हालांकि नतीजा सरकारी दबाव के बीच अन्य दल के पक्ष में गया लेकिन अकाली दल ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवा दी।
विरोधी दलों पर दबाव बनाने का आरोप
कई राजनीतिक विश्लेषकों ने दावा किया था कि अकाली दल की पकड़ कमजोर हो रही है लेकिन तरनतारन के नतीजों ने यह भ्रम पूरी तरह तोड़ दिया। जनता ने अपने वोटों से यह साबित किया कि उनके दिलों में पार्टी के लिए भरोसा आज भी जिंदा है। चुनाव के दौरान कई अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्त्ताओँ को कई जगह दवाब और दिक्कतों को सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद व डटकर खड़े रहे। हालांकि नतीजा सरकारी दबाव के बीच अन्य दल के पक्ष में गया लेकिन अकाली दल ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करवा दी।