Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Nov, 2025 06:56 PM

खेल के मैदान में जान गंवाने वाले 16 वर्षीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से रोहतक (हरियाणा) में मिलकर दुख व्यक्त करने गए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे “ड्रामा”...
चंडीगढ़: खेल के मैदान में जान गंवाने वाले 16 वर्षीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से रोहतक (हरियाणा) में मिलकर दुख व्यक्त करने गए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे “ड्रामा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रामा करने की भी एक हद होती है, लेकिन भगवंत मान को ड्रामा करने के अलावा कुछ और सूझता ही नहीं। हरियाणा जाकर खिलाड़ी की मौत पर बयानबाजी करने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान यह बताएँ कि क्या उन्होंने कभी यह चिंता उन खिलाड़ियों या उनके परिवारों के लिए भी दिखाई है जिन्हें पंजाब में आए–दिन मारा जा रहा है?
सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब के खेल मैदानों में बहा खून देखकर लोग भगवंत मान से सवाल करते हैं —क्या जालंधर के संदीप नंगल अंबियां के परिवार को इंसाफ मिल गया? क्या जगराओं के तेजपाल के परिवार को इंसाफ मिला? क्या लुधियाना के गुरविंदर सिंह के परिवार को न्याय मिल गया? क्या कपूरथला के हरदीप सिंह दीपा के परिवार को इंसाफ मिला? क्या तरनतारन के सुखविंदर सिंह “नोनी” के परिवार को न्याय मिला?
हरियाणा के खिलाड़ी की मौत पर हम सभी दुख प्रकट करते हैं और पीड़ित परिवार की शांति के लिए वाहेगुरु के चरणों में अरदास भी करते हैं। लेकिन साथ ही भगवंत मान को यह याद दिलाते हैं कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए दूसरे राज्यों में जाकर हमदर्दी दिखाने से पहले उन्हें पंजाब में अपनी सरकार के दौरान बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। और यदि वह यह भी नहीं कर सकते, तो उन्हें इस कुर्सी पर बैठे रहने का कोई हक नहीं।