आत्महत्या मामलाः लेक्चरार और उसके पति का पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार

Edited By Vatika,Updated: 14 May, 2020 04:20 PM

suicide case

इस कॉलोनी में निजी कालेज की पूर्व लेक्चरार व उसके पति द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में बुधवार को मृतक दंपति का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

जालंधर(वरुण): इस कॉलोनी में निजी कालेज की पूर्व लेक्चरार व उसके पति द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में बुधवार को मृतक दंपति का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दुःखद लम्हों दौरान दंपति की दोनों मासूम बेटियां भी मौजूद थी जबकि मृतक विकास राणा व उनकी पत्नी आशिमा राणा के परिजन व रिश्तेदार भी शामिल थे।
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सबसे पहले विकास राणा के सगे भाई संजीव राणा ने विकास की देह को अग्नि भेंट की जिसके बाद उन्होंने ही अपनी भाभी आशिमा को भी अग्नि दी। इस दौरान श्मशान घाट में मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम थी। वहीं कांग्रेसी नेता की करतूत के कारण 11 व 5 साल की मासूम बच्चियों के सर से हमेशा के लिए अपने माता-पिता का साया उठ चुका था। मासूम बच्चियों के सामने उनके माता-पिता के हुए अंतिम संस्कार दौरान हर कोई बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दिखा। हालांकि संजीव राणा से जब पंजाब केसरी ने बात की तो उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वह अभी कुछ भी नहीं कह सकते। सूत्रों की माने तो दोनों परिवार चौथे के बाद कोई एक्शन लेंगे।आशिमा व उनके पति विकास राणा का परिवार इस हादसे के बाद काफी सदमे में था।

बता दें कि निजी कॉलेज की पूर्व लेक्चरार आशिमा राणा ने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी । आशिमा के परिजनों ने विकास राणा पर आरोप लगाते हुए थाना डिवीजन नंबर 1 में उनके खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का केस दर्ज करवाया था। वहीं विकास राणा भी अपनी पत्ननी का शव सिक्लि अस्पताल में रखवा कर लापता हो गए थे। मंगलवार दोपहर विकास राणा ने भी फिल्लोर जाकर ट्रेन आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। दोनों सुसाइड का कारण कांग्रेस का लीडर था जो विकास के हाथों से पीटा भी गया था और बाद में भाग गया था।हालांकि इन सही दोनों मौतों का जिम्मेदार कांग्रेसी लीडर है जो फिलहाल खुले में घूम रहा है। अभी तक आशिमा व विकास राणा के परिजनों ने पुलिस में इस लीडर खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। 

निजी संगठन कांग्रेसी लीडर खिलाफ खोल सकते हैं मोर्चा
सुत्रों की माने तो अशिमा व विकास राणा का परिवार अभी कोई भी कानूनी कार्रवाई करने के लिए चौथे तक का इंतजार कर सकते हैं लेकिन सामाजिक संस्थाओं ने इस हादसे का बड़ा संज्ञान लेते हुए अपने लेवल पर कांग्रेसी लीडर को उसके गुनाहों की सजा दिलाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कुछ निजी संस्थानों ने इस सारे मामले पर नजर भी बनाई हुई है। किसी भी समय यह संस्थाएं इस कांग्रेसी लीडर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दरवाजा खटखटा सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि उक्त कांग्रेसी लीडर अपने आकाओं की शरण में छिपा हुआ है।

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