सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बना स्पैशल चक्रव्यूह, टार्गेट पर बड़े-बड़े Gangster

Edited By Vatika,Updated: 07 Jun, 2022 01:49 PM

special chakravyuh formed after killing of sidhu moosewala

पंजाब में कांग्रेस नेता और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से दिल्ली के गैंगस्टर एक बार फिर

पंजाब डेस्कः पंजाब में कांग्रेस नेता और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से दिल्ली के गैंगस्टर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। स्पैशल सैल से लेकर एन.आई.ए. हो या अन्य राज्यों की पुलिस, हर बड़े हत्याकांड, कांट्रैक्ट किलिंग की सूई आखिरकार दिल्ली के गैंगस्टरों पर आकर रुक जाती है।
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हालांकि उसके बाद भी दिल्ली पुलिस का दावा है कि राजधानी दिल्ली में एक भी संगठित गैंग सक्रिय नहीं है और उनके अधिकांश मुखिया जेलों में बंद हैं। लेकिन उसके बाद भी ये गैंगस्टर जेलों से अपने नैटवर्क को बखूबी चलाते हैं और किडनैपिंग, कांटै्रक्ट किलिंग, रंगदारी वसूली, सट्टा, ड्रग्स, जमीन कब्जाने जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। इन्हीं सवालों के जवाब खोजने के लिए गृह मंत्रालय की पहल पर एक बार फिर से दिल्ली की स्पैशल सैल ने नया चक्रव्यूह बनाया है, जिसके तहत दावा है कि जल्द ही राजधानी से गैंगस्टरों का खात्मा और साथ ही उनके नैटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।  कैसे होगा खात्मा और कौन हैं दिल्ली के टॉप गैंगस्टर और कैसे अपने नैटवर्क को ये बखूबी चलाते हैं, इसी पर पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स के लिए संजीव यादव की विशेष रिपोर्ट...

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ये हैं कुछ बड़े गैंगस्टर
संदीप उर्फ काला जठेड़ी, कपिल सांगवान उर्फ नंदू, हाशिम बाबा,नीरज बवानिया और लॉरैंस बिश्नोई, मंजीत महाल, नासिर, नवीन उर्फ भांजा, राकेश उर्फ राका और समुंदर उर्फ खत्री शाहरुख, विकास उर्फ किलर पहलवान, विकास डबास, विकास लांगरपुरिया, गौरव त्यागी, दीपक उर्फ सोनी गैंगस्टरों में गिने जाते है।

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खंगाली जा रही कुंडली
बड़े गैंगस्टरों के आतंकी संगठनों से ताल्लुकात पर भी एजैंसियां हुईं चौकस है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। जहां पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, यू.पी. और मध्य प्रदेश में बड़े गैंगवार की आशंका है। वहीं यह भी आंशका है कि अब इन गैंगस्टरों का इस्तेमाल आतंकी संगठन भी कर सकते हैं। इस संंबंध में गृह मंत्रालय ने 2 मई को पंजाब दिल्ली समेत कई राज्यों को गैंगस्टरों की कुंडली खंगालने और उन पर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। इसी के चलते पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना के नेतृत्व में स्पैशल सैल और क्राइम ब्रांच को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके तहत स्पैशल सैल एक बार फिर से गैंगस्टरों की धरपकड़ और उनकी कुंडली समेत नैटवर्क को खंगालने में लग गई है। 

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स्पैशल सैल का बढ़ा दायरा
दिल्ली पुलिस की स्पैशल ब्रांच को आतंक निरोधक स्पैशल सैल की तर्ज पर हर तरह से अपग्रेड किया जा रहा है। सबसे बड़ा फैसला यह है कि स्पैशल ब्रांच अब मोबाइल फोनों को सर्विलांस पर लगा सकेगी। यानी स्पैशल ब्रांच के पास कॉलिंग मॉनिटरिंग सिस्टम(सी.एम.एस.) की सुविधा होगी। स्पैशल ब्रांच अब आधुनिक तरीके से खुफिया जानकारी एकत्रित करेगी, वहीं आतंकी व बदमाशों को भी पकड़ सकेगी।  पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत स्पैशल ब्रांच में अब दो नई यूनिट काऊंटर इंटैलीजैंस सैल (सी.आई.एस.) और इंटैलीजैंस फ्यूजन एण्ड स्ट्रैटीजिक ऑप्रेशन (आई.एफ.एस.ओ.) बनाई गई है।

सी.आई.सी. वही काम करेगी, जो स्पैशल सैल करती है और आई.एफ.एस.ओ. साइपैड आई.एफ.एस.ओ. वाला काम करेगी। सी.आई.सी. को मोबाइल को सर्विलांस पर लगाने का अधिकारी होगा, साथ ही उसके पास आधुनिक उपकरण व साफ्टवेयर होंगे। अभी तक स्पैशल ब्रांच दिल्ली पुलिस के लिए बिना मोबाइल सर्विलांस व आधुनिक उपकरणों के लिए खुफिया जानकारी एकत्रित करती थी। इस कारण दिल्ली पुलिस का खुफिया तंत्र हमेशा फेल हो जाता था। मगर अब सी.आई.सी. खुफिया जानकारी के साथ-साथ आतंकी व बदमाशों को पकड़ सकेगी।  राकेश अस्थाना ने इंटैलिजैंस यूनिट को मजबूत करने के लिए पहले से ही 5 आई.पी.एस. की नियुक्ति की है ताकि कार्यों के बंटवारे और नैटवर्क को मजबूत किया जाए। इसके अलावा स्पैशल सैल की काऊंटर इंटैलीजैंस, स्पैशल सैल, साइबर यूनिट व अपराध शाखा से करीब 200 इंस्पैक्टरों को स्पैशल ब्रांच में तैनात किया जाएगा। 
 

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