Edited By Urmila,Updated: 07 Sep, 2026 01:17 PM

सेवामुक्त आई.ए.एस. अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया।
फगवाड़ा (जलोटा) : सेवामुक्त आई.ए.एस. अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की 'शिक्षा क्रांति' के दावे फगवाड़ा के सरकारी स्कूलों की हकीकत के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।
एक स्कूल में 144 विद्यार्थियों के बावजूद एक भी नियमित शिक्षक नहीं है, जबकि दूसरे स्कूल में 70 बच्चों के लिए केवल एक शिक्षक है। मीडिया मुताबिक इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि छोटे बच्चों से स्कूलों के शौचालय साफ करवाए जा रहे हैं।
धालीवाल ने कहा कि यदि नन्हे बच्चों को पढ़ाई की जगह सफाई का काम करना पड़ रहा है, तो यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही वह "शिक्षा क्रांति" है, जिसका आम आदमी पार्टी पूरे पंजाब में प्रचार कर रही है? उन्होंने कहा कि बच्चों को सम्मानजनक और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में छोड़ देना।
पूर्व आईएएस अधिकारी और विधायक ने मांग की कि फगवाड़ा सहित पूरे पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद तुरंत भरे जाएं, बच्चों से किसी भी प्रकार का सफाई कार्य करवाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। शिक्षा व्यवस्था को केवल विज्ञापनों से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि नीतियां तभी सफल मानी जाती हैं, जब हर कक्षा में शिक्षक हों और हर बच्चे को सम्मान के साथ शिक्षा मिले।
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