पाकिस्तान में धर्म बदलकर निकाह रचाने वाली सरबजीत की बढ़ीं मुश्किलें, पढ़ें क्या है खबर

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Nov, 2025 12:14 AM

sarabjit who converted to islam and married in pakistan

भारत से तीर्थयात्रा वीज़ा पर पाकिस्तान गई एक सिख महिला के धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना के विरोध में ननकाना साहिब के सिख नेता महिंदर पाल सिंह ने लाहौर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।

लाहौर (सरबजीत सिंह बनूर) : भारत से तीर्थयात्रा वीज़ा पर पाकिस्तान गई एक सिख महिला के धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना के विरोध में ननकाना साहिब के सिख नेता महिंदर पाल सिंह ने लाहौर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका एडवोकेट अली चंगेज़ी संधू के माध्यम से दायर की गई है, जिसमें भारतीय सिख यात्री पर वीज़ा नियमों के उल्लंघन और पाकिस्तान में अवैध रूप से ठहरने के आरोप लगाए गए हैं।

यह याचिका महिंदर पाल सिंह (पूर्व पंजाब विधानसभा सदस्य और पूर्व संसदीय सचिव, मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक मामलों) ने दायर की है। इसमें पाकिस्तान की केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, एफ.आई.ए. और पंजाब सरकार को जिम्मेदारी के लिए पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में किए गए बड़े दावे

मुक़्तसर ज़िले (पंजाब, भारत) की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को 10 दिनों के सिंगल-एंट्री धार्मिक वीज़ा पर पाकिस्तान आई थीं। यह वीज़ा 13 नवंबर तक वैध था और उनकी यात्रा सिर्फ़ ननकाना साहिब, करतारपुर आदि धार्मिक स्थलों तक सीमित थी। याचिका के अनुसार, सरबजीत कौर ने वीज़ा शर्तों का पालन नहीं किया और वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रही हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सरबजीत कौर के खिलाफ भारत के बठिंडा और कपूरथला में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति को वीज़ा जारी किया जाना, बॉर्डर पार करना और देश के भीतर स्वतंत्र रूप से घूमना गंभीर सुरक्षा जोखिम है।
 

याचिका में प्रमुख चिंताएँ

तीर्थयात्रा वीज़ा पर आने वाला कोई भी यात्री निकाह, धर्म परिवर्तन, विवाह, रहائش या किसी भी प्रकार की लंबी अवधि की कानूनी स्थिति नहीं ले सकता। ऐसी घटनाएँ सिख यात्राओं की सुरक्षा, करतारपुर कॉरिडोर और दोनों देशों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। याचिका में यह आशंका भी जताई गई है कि महिला पर दबाव, अवैध हिरासत या मानसिक शोषण हो सकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!