हकीकत में भी ‘धर्मवीर’ की जोड़ी है सोनू और कर्ण की दोस्ती

Edited By Vaneet,Updated: 08 Aug, 2020 12:13 PM

reality also the pair of dharmveer is sonu and karna friendship

दिल तो हर किसी के पास होता है लेकिन दिलदार कोई -कोई ही होता है। और जब एक के साथ दूसरा दिल...

लुधियाना/चंडीगढ़(रिंकू दानी): दिल तो हर किसी के पास होता है लेकिन दिलदार कोई -कोई ही होता है। और जब एक के साथ दूसरा दिलदार मिल जाए तो सोने पे सुहागा वाली बात हो जाती है।ऐसी ही सोने जैसी चमक बिखेरने वाली जोड़ी है पंजाब के दो शेरदिल दोस्तों सोनू सूद और कर्ण गिलहोत्रा की, भले ही दोनों की अपनी अलग-अलग फील्ड है, एक कारोबारी तो दूसरा फिल्म जगत का प्रसिद्ध अदाकार लेकिन उनके सीने में जो दिल धड़कते हैं, उनमें इंसानियत के प्रति जज्बा है। यही वजह है कि दोनों मिलकर दीन-दुखियों के काम आ रहे हैं। 

सोनू सूद को तो सब जानते ही हैं, एक अदाकार के रूप में और उससे कहीं बढ़कर लॉकडाऊन के दौरान बेसहारा मजदूरों को अपने खर्च पर उनके घरों तक पहुंचाने वाले मसीहा के रूप में। वहीं उस शख्सियत के साथ एक और नाम है कर्ण गिलहोत्रा का,जो मूल रूप से फाजिल्का निवासी हैं व पी.एच.डी. चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पंजाब चैप्टर के चेयरमैन हैं। दोनों की दोस्ती जगजाहिर है लेकिन यह दोस्ती अन्य लोगों की जिंदगी बदल देगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। कु छ दिन पहले आंध्र प्रदेश की हल जोतने वाली 2 लड़कियों को ट्रैक्टर मुहैया करवाने वाली इस जोड़ी ने अभी हाल ही में शराब के कारण पंजाब में हुई मौतों में जान गंवाने वाले तरनतारन के एक रिक्शा चालक सुखदेव सिंह के अनाथ हुए बच्चों के सुरक्षित भविष्य का प्रबंध किया है। 

सुखदेव की मौत के सदमे से उसकी पत्नी की भी मौत हो गई। सोनू सूद को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने अपने दोस्त कर्ण से बात की। कर्ण ने सोनू के आह्वान पर अबोहर स्थित मातृ छाया अनाथ आश्रम में चारों बच्चों कर्णबीर (13), गुरप्रीत (11),अर्शप्रीत (9) व संदीप (5) के रहने, खाने-पीने व शिक्षा-दीक्षा का प्रबंध कर दिया है। दोनों दोस्तों की दोस्ती एक बार फिर से किसी के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनी है, जिसकी हर तरफ सराहना की जा रही है।

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