1947 की तबाही जैसे दृश्य पेश कर रही पंजाब में आई बाढ़, सबकुछ हुआ तबाह

Edited By Kalash,Updated: 08 Sep, 2025 04:34 PM

punjab floods

ब्यास नदी के कारण मंड क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण जहां किसानों की लाखों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।

सुल्तानपुर लोधी (धीर): ब्यास नदी के कारण मंड क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण जहां किसानों की लाखों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं घर, अस्तबल आदि भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं मंड के लोगों का जीवन पटरी से उतर गया है। मंड के लोगों की इस दर्दनाक कहानी को बताते हुए मंड क्षेत्र के किसान नेता समाजसेवी परमजीत सिंह बाऊपुर ने अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों की तस्वीर सांझा करते हुए कहा कि यह स्थिति 1947 की नहीं बल्कि 2025 की है जब हमारे बुजुर्ग पाकिस्तान से विस्थापित होकर यहां आए थे और अपनी मेहनत से इसे बसाया था। हालांकि सरकारों की नाकामियों और प्रशासन की नाकामी के कारण देश की आजादी के बाद फिर से यह स्थिति पैदा हो गई है जब कई घर बाढ़ से तबाह हो गए हैं जबकि वह खुशी से रह रहे थे। 

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उन्होंने कहा कि इन परिवारों के घर तो बह ही गए फसलें भी नष्ट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों का जो थोड़ा बहुत सामान बचा था उसे हम किसी तरह बाहर निकाल पाए हैं। किसान नेता बाऊपुर ने प्रदेश और देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप इस समय प्रार्थना करें कि जिन परिवारों के घर बह गए हैं उनके परिवारों की जहां तक ​​हो सके मदद की जाए। उन्होंने कहा कि कई परिवारों को तो उनका सामान भी नहीं मिला है ऐसे परिवारों से मिलकर हम उनके हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई कर सकते हैं। 

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परमजीत बाऊपुर ने कहा कि फसलों का नुकसान बहुत बड़ा हुआ है लेकिन हमें उन्हें जरूरी सामान और घर मुहैया कराने चाहिए ताकि वह फिर से पहले की तरह अपना जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि अभी लंगर का राशन या राहत सामग्री नहीं भेजी जानी चाहिए क्योंकि यह पहले ही दानदाताओं द्वारा बड़ी मात्रा में पहुंचाई जा चुकी है। इसलिए वह अपील करते हैं कि आइए हम सब मिलकर ऐसे परिवारों की मदद करें ताकि इस दुख की घड़ी में उन्हें राहत मिल सके।

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दानी सज्जनों द्वारा दूर-दूर से राहत सामग्री लाना जारी

बाढ़ पीड़ित किसान समिति द्वारा दानदाताओं व संस्थाओं के लिए राशन सामग्री, लंगर या अन्य राहत सामग्री अभी न लाने के बावजूद दूर-दूर से यहां तक कि हरियाणा राज्य से भी राहत सामग्री लाने का काम जारी है। बाढ़ पीड़ित समिति के कुलदीप सिंह सागर का कहना है कि अब लंगर राहत सामग्री बड़ी संख्या में पहुंच गई है और अब जब जलस्तर कम होगा तो लोगों को सामान की आवश्यकता होगी और वह उस समय वह सामान लेकर आएं।

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गुरु अमरदास एडवांस बांध को बचाने के लिए संगत के साथ जुटे विधायक राणा

कल से व्यास नदी के साथ गुरु अमरदास एडवांस बांध को गए भारी कटाव को बचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा की गई अपील पर विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह 3 पोकलेन मशीनों, मिट्टी की बोरियों और भारी संख्या में संगत के साथ मौके पर पहुंचे और बह रहे बांध का जायजा लिया। उन्होंने तुरंत पहले वाले बांध के साथ एक और अस्थायी बांध लगाने की सेवा शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि अगर हम इस बांध को बचाने में कामयाब रहे तो लगभग 4500 एकड़ फसल बच जाएगी। आज सुबह भारी बारिश के कारण खराब मौसम के कारण फिर से व्यवधान उत्पन्न हुआ, लेकिन फिर भी संगत उत्साह के साथ डटी रही। संगत ने विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह का इस मुसीबत की घड़ी में साथ देने के लिए धन्यवाद किया।

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