Edited By Subhash Kapoor,Updated: 18 Nov, 2025 11:51 PM

आज के समाज में कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कंप्यूटर साइंस विषय को पढ़ाने और उसके मूल्यांकन में बड़े सुधार करने का निर्णय लिया है। यह फैसला बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, आईएएस...
पंजाब डैस्क – आज के समाज में कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कंप्यूटर साइंस विषय को पढ़ाने और उसके मूल्यांकन में बड़े सुधार करने का निर्णय लिया है। यह फैसला बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में हुई अकादमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया।
हालाँकि कंप्यूटर साइंस विषय को कक्षा 6 से पहले ही अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है, लेकिन यह अभी तक केवल एक ग्रेडिंग आधारित विषय था। इसके अंक विद्यार्थियों के कुल अकादमिक प्रदर्शन को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित नहीं करते थे।
अब कक्षा 10वीं और 12वीं के कंप्यूटर साइंस विषय के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने और मूल्यांकन की जिम्मेदारी बोर्ड स्वयं निभाएगा। पहले यह प्रक्रिया स्कूल स्तर पर की जाती थी। इसके अलावा, अब कंप्यूटर साइंस की प्रैक्टिकल परीक्षा बाहरी परीक्षकों द्वारा ली जाएगी, ताकि परीक्षा के वास्तविक उद्देश्य को सुनिश्चित किया जा सके और मूल्यांकन की उच्च गुणवत्ता कायम रखी जा सके।
कंप्यूटर साइंस विषय के मूल्यांकन प्रणाली में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य विद्यार्थियों और अध्यापकों दोनों का ध्यान डिजिटलाइज़ेशन के व्यावहारिक उपयोग की ओर केंद्रित करना है, क्योंकि यह न केवल रोजमर्रा के जीवन में बल्कि भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।