फगवाड़ा को "जमतारा" बनाए जाने के बीच पुलिस के बड़े खुलासे, पढ़ें अब तक का Update

Edited By Vatika,Updated: 22 Sep, 2025 03:51 PM

phagwara cyber fraud

साईबर सैल की पुलिस टीम द्वारा बेनकाब किए गए साईबर फ्रॉड सैंटर और मौके से

फगवाड़ा(जलोटा): फगवाड़ा में पलाही रोड पर स्थित ताज विला में जिला कपूरथला की साईबर सैल की पुलिस टीम द्वारा बेनकाब किए गए साईबर फ्रॉड सैंटर और मौके से गिरफ्तार हुए 38 आरोपियों से जहां पुलिस पूछताछ का दौर जारी हैं। वहीं बड़ा सवाल यह हैं कि उक्त साईबर फ्रॉड सैंटर में लाखों नहीं अपितु करोड़ों रूपए की रकम का हवाला हुआ हैं। यह पैसा किसने कहां से और किसके मार्फत फगवाड़ा तक पहुंचाया हैं? और जब यह सब पंजाब में दोआबा के गेटवे स्वीकारे जाते फगवाड़ा जैसे अहम शहर के बीचो बीच हो रहा था तब खुफिया एजेंसीयां कहां पर सक्रिय थी?

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प्रकरण संबंधी जिला कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा द्वारा की गई प्रैस कान्फ्रैंस में खुलासा किया गया हैं कि उक्त साईबर ठग गैंग रोजाना 15 से 20 लाख रूपए की ट्रांस्जैक्शन करते रहे हैं। अर्थात एक महीने में ओसतन पैसों का यह लेन देन साढ़े चार करोड़ से 6 करोड़ रूपए बनता हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त साईबर फ्रॉड सैंटर फगवाड़ा में बीते लंबे समय से चलाया जा रहा था और इसके आधार पर यदि 1 वर्ष में हवाला और बिटकाउइंन के मार्फत पैसों के हुए लेन देन के आकंड़े को जोड़ा जाए तो यह रकम 54 से 72 करोड़ के बीच बनती हैं। और यदि इसे 2 वर्ष माना जाए तो यह रकम 100 करोड़ से ज्यादा के आंकड़े को पार कर जाती हैं। ऐसे में इतनी मोटी रकम करोड़ों रूपए की बिटकाउइंन और हवाला के मार्फत देश (पंजाब) में ट्रांसफर हुई हैं? लेकिन यह करोड़ों रूपए की रकम किसकी जेब में अंत तह पहुंच रही थी और वह बाहुबली कौन हैं जिसकी छत्र छाया में फगवाड़ा को साईबर फ्रॉड का सेंटर बना मश्हूर टीवी सीरीज का ‘जमतारा’ बनाया गया हैं?

जानकारों का राय में डार्क वैब के मार्फत होती बिटकाउइंन के लेन देन को ट्रेस करना बेहद कठिन हैं। फगवाड़ा में शातिर ठगों द्वारा बिटकाउइंन को ही फोकस कर पैसों को हवाला के मार्फत कन्वर्ट कर जरूरत के हिसाब से फगवाड़ा में मंगवाया जाता था। प्रकरण संबंधी मामले की जांच कर रही जिला कपूरथला पुलिस का दावा हैं कि फगवाड़ा के फ्रॉड सैंटर में काम करने वाले गैंग के कर्मचारियों को ओसतन 35000 हजार से 50000 रूपए प्रति माह के हिसाब से वेतन दिया जाता था। इन आकंडों के आधार पर यहां पर पुलिस ने 38 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। यानी इनको हर महीने साईबर फ्रॉड सैंटर से 10 से 12 लाख रूपए के करीब वेतन का भुगतान होता रहा हैं। पुलिस के अनुसार लाखों रूपए की यह रकम भी हवाला के मार्फत ही आती रही हैं। लेकिन यह लाखों-करोड़ों रूपए की अवैध हवाला रकम फगवाड़ा में कहां से और कौन पहुंचाता रहा हैं? निसंदेह यह बेहद गहन पुलिस जांच का विषय है जिसकी बारीकी से परत दर परत देश हित में जांच होनी चाहिए। कहीं हवाला की रकम देश विरोधी तत्वों तक तो नहीं पहुंचाई जा रही थी?

सोशल मीडिया पर फगवाड़ा को जमतारा बनाए जाने की हुई जमकर ट्रोलिंग
बात अगर सोशल मीडिया की करें तो फगवाड़ा को जमतारा बनाएं जाने की जमकर ट्रोलिंग हो रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग मीमस बनाकर यह पोस्ट कर रहे हैं कि मश्हूर टीवी सीरीज जमतारा की भांति फगवाड़ा में भी वह सब चुपचाप हुआ हैं जिसकी किसी ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी।

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