ईशनिंदा केस: 13 बार टली सुनवाई, आखिरकार पाक सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, पढ़ें...

Edited By Kamini,Updated: 31 Oct, 2026 01:17 PM

pakistan supreme court decision

इस फैसले ने पाकिस्तान में धार्मिक आजादी, ईसाइयों पर ज़ुल्म और ईशनिंदा के मामलों में बर्ताव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

गुरदासपुर/इस्लामाबाद (विनोद): पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मुहम्मद के बारे में ऑनलाइन कंटेंट को लेकर ईशनिंदा के एक मामले में एक ईसाई नागरिक की मौत की सजा को बरकरार रखा है। सीमापार सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ईशनिंदा के एक मामले में ईसाई आदमी कैसर अयूब की मौत की सजा को बरकरार रखा है, जबकि उसके भाई, अमुन अयूब को लगभग 10 साल जेल में रहने के बाद बरी कर दिया है।

इस फैसले ने पाकिस्तान में धार्मिक आजादी, ईसाइयों पर ज़ुल्म और ईशनिंदा के मामलों में बर्ताव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अयूब भाइयों के खिलाफ केस 2014 में तब शुरू हुआ जब एक वेबसाइट ने उनकी कॉन्टैक्ट जानकारी दिखाई और पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने वाला कंटेंट पब्लिश किया। पहले कैसर को गिरफ्तार किया गया, उसके बाद 2015 में अमुन को गिरफ्तार किया गया। दोनों ईसाई भाइयों को 2018 में मौत की सजा सुनाई गई थी। 2022 में लाहौर हाई कोर्ट में उनकी अपीलें नाकाम रहीं। सालों की कानूनी बहस और 13 बार सुनवाई टालने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अमुन को बरी कर दिया लेकिन कैसर की सजा और मौत की सज को बरकरार रखा।

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