Edited By Subhash Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 11:00 PM

शहर के लाइन पार इलाके में कानून-व्यवस्था की पोल खोलती एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दर्जन से अधिक युवक सरेआम दूसरे गुट के युवकों को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। हमलावर युवक गालियां देते हुए लात-घूंसों और...
बठिंडा (विजय वर्मा): शहर के लाइन पार इलाके में कानून-व्यवस्था की पोल खोलती एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में एक दर्जन से अधिक युवक सरेआम दूसरे गुट के युवकों को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। हमलावर युवक गालियां देते हुए लात-घूंसों और थप्पड़ों से हमला करते दिख रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों गुटों के बीच पहले हुई मारपीट के चलते तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि पहले एक पक्ष के युवकों ने दूसरे गुट के युवक के साथ मारपीट की थी, जिसका बदला लेने के लिए विरोधी गुट अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और सरेआम हमला कर दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ नशा तस्करी और उससे जुड़े पैसों का लेन-देन है। दोनों पक्ष इलाके में नशे की बिक्री और वसूली के धंधे में शामिल बताए जा रहे हैं। “इलाके की मालिकी” और कमाई के बंटवारे को लेकर चल रही तनातनी आखिरकार हिंसक झड़प में बदल गई, जिसने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने वीडियो साझा करते हुए पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टरों और नशा तस्करों के बीच गहरी सांठगांठ है और सत्ताधारी नेताओं की शह पर यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
सुखबीर बादल ने कहा कि बठिंडा में नशा तस्करों के बीच अपने-अपने “मालिकी क्षेत्र” को लेकर हुई यह सरेआम गैंगवार सरकार के दावों की सच्चाई उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ अभियान केवल दिखावटी साबित हो रहा है। इधर, पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


