बठिंडा में चिट्टा बेचने की वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप, लोगों में डर का माहौल

Edited By Kalash,Updated: 08 Feb, 2026 06:04 PM

drugs smuggling video

पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार चल रहे कासो ऑपरेशन और पुलिस के सख्त दावों के बावजूद बठिंडा में नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

बठिंडा (विजय वर्मा): पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार चल रहे कासो ऑपरेशन और पुलिस के सख्त दावों के बावजूद बठिंडा में नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बीड़ तालाब इलाके से सामने आया है, जहां चिट्टे (हेरोइन) की खुलेआम बिक्री का एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बीड़ तालाब क्षेत्र में सरेआम चिट्टे की पुड़ियां बांटता और बेचता नजर आ रहा है। यह दृश्य न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नशा तस्कर पुलिस से बिल्कुल बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीड़ तालाब क्षेत्र लंबे समय से नशे के कारोबार का अड्डा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यहां चिट्टा इस तरह बेचा जा रहा है जैसे कोई आम उपभोक्ता वस्तु या पतासे बेचे जा रहे हों। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। 

गौरतलब है कि बठिंडा पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ लगातार कासो ऑपरेशन चलाने और बड़े-बड़े दावे करने की बात कही जाती रही है। समय-समय पर नशा तस्करों की गिरफ्तारियों और बरामदगियों की खबरें भी सामने आती रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के उलट नजर आ रही है। बीड़ तालाब जैसे संवेदनशील इलाकों में खुलेआम नशे की बिक्री यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी है और कहीं न कहीं तस्करों को संरक्षण तो नहीं मिल रहा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में नशा बेचने वाले तस्कर बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। उनका कहना है कि नशे की वजह से इलाके के युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उनके बच्चे नशे की गिरफ्त में फंस चुके हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं हो रही। वीडियो वायरल होने के बाद सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कासो ऑपरेशन चलाना या छोटे स्तर के नशा करने वालों को पकड़ना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक बड़े नशा तस्करों और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक नशे के खिलाफ जंग केवल कागजों तक सीमित रहेगी। 

सूत्रों के अनुसार, बीड़ तालाब क्षेत्र में नशा बेचने वालों के ठिकाने पहले भी पुलिस के रडार पर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई या तो अस्थायी साबित हुई या कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों का संदेह और गहरा गया है। लोगों ने मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए, आरोपित को गिरफ्तार किया जाए और पूरे नशा नेटवर्क की गहन जांच की जाए। इसके साथ ही बीड़ तालाब इलाके में स्थायी पुलिस चौकी और लगातार निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि नशे के कारोबार पर स्थायी लगाम लग सके। नशे के खिलाफ जंग तभी सफल हो सकती है जब प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करें। बीड़ तालाब का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि केवल दावों और प्रेस नोटों से नहीं, बल्कि सख्त, निष्पक्ष और निरंतर कार्रवाई से ही नशे के जहर को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

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