पंजाब में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, घने कोहरे से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित

Edited By Vatika,Updated: 19 Nov, 2025 04:41 PM

life changed by freezing in punjab

बल्कि स्थानीय व्यापार और बाजारों की रौनक पर भी साफ दिख रही है।

बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि, उमेश): जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड ने बरनाला सहित आसपास के क्षेत्रों के जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह उलट-पुलट हो गई है। आलम यह है कि लोग गर्म कपड़ों और हीटर, ब्लोअर जैसे हीटिंग उपकरणों का सहारा लेने को मजबूर हैं। ठंड की यह मार न केवल लोगों की सेहत, बल्कि स्थानीय व्यापार और बाजारों की रौनक पर भी साफ दिख रही है।

बाजारों में बढ़ी गर्म कपड़ों की मांग
ठंड की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए बरनाला के बाजारों में ऊनी कपड़ों, जैकेटों, स्वैटरों और शॉल की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए ट्रेंडी विंटर वियर और एसैसरीज की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। शहर के मुख्य बाजारों पर स्थित ऊनी कपड़ों के स्टॉलों पर ग्राहकों की आवाजाही ने दुकानदारों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। दुकानदारों का कहना है कि यह सीजन उनके लिए सबसे अच्छा साबित हो रहा है। इसके साथ ही, गर्म जुराबों, दस्तानों और टोपी जैसे छोटे लेकिन जरूरी सामानों की बिक्री भी कई गुना बढ़ गई है। फुटवियर दुकानों पर भी गर्म जूतों की 'हॉट-सेल' चल रही है, जहां ग्राहक फैशनेबल और आरामदायक विंटर शूज खरीदने के लिए उमड़ रहे हैं। 

गर्म खाने-पीने की दुकानों पर रौनक
बढ़ती ठंड का सीधा असर गर्म खाने-पीने की चीजों की खपत पर पड़ा है। बरनाला शहर की चाय, कॉफी, और सूप की दुकानों पर सुबह-शाम ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मोमो, पकौड़े और अन्य गर्म स्नैक्स की दुकानें भी शाम होते ही गुलजार हो जाती हैं। अदरक-तुलसी वाली चाय, हॉट कॉफी और हर्बल सूप लोगों को ठंड से राहत दिलाने में काफी मदद कर रहे हैं। वहीं, घरों में भी दूध, ड्राई फ्रूट्स और पौष्टिक रसोइयों की मांग बढ़ गई है, जिससे गैस और बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
ठंड के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। बरनाला के सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, और एलर्जी जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। डॉक्टर विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के लिए ऊनी कपड़े पहनने, गर्म पानी पीने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा या श्वसन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने की भी सलाह दी है, क्योंकि ठंड के साथ-साथ इन दिनों प्रदूषण और कोहरे के चलते हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है।

कोहरा बना वाहन चालकों के लिए चुनौती
सुबह के समय छाने वाला घना कोहरा बरनाला की सड़कों पर वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम होने के कारण यातायात की गति धीमी हो गई है। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को 'फॉग लाइट' का इस्तेमाल करने, अपनी गाड़ियों में इंडिकेटर और टेल लाइट को ठीक रखने, और गति को नियंत्रित रखने की विशेष हिदायतें जारी की हैं। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और सुबह काम पर जाने वाले लोगों को विशेषकर अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, बरनाला में ठंड ने लोगों के लाइफस्टाइल, बाजार और स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अभी आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, जरूरी न हो तो कोहरे में यात्रा करने से बचें, और नियमित रूप से गर्म कपड़े व पौष्टिक आहार का सेवन करें।

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