Edited By Kamini,Updated: 04 Feb, 2026 10:13 AM

दिल्ली विधानसभा में जारी सियासी घमासान अब संवैधानिक टकराव में तबदील हो गया है।
पंजाब डेस्क/नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में जारी सियासी घमासान अब संवैधानिक टकराव में तबदील हो गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने पंजाब पुलिस और शिकायतकर्ता इकबाल सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाते हुए दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को एक पत्र लिखकर विधानसभा के विशेषाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठाया है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि इकबाल सिंह द्वारा की गई शिकायत तथा उसके आधार पर पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफ. आई. आर. सहित की गई कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 361 ए के अंतर्गत संवैधानिक संरक्षण की अवहेलना है तथा यह विधानसभा के विशेषाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कपिल मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि विधानसभा की कार्रवाई के पर्याप्त रूप से सत्य विवरण के प्रकाशन के संबंध में आपराधिक कार्रवाई आरंभ किया जाना विधायिक की गरिमा, स्वतंत्रता एवं अधिकार में हस्तक्षेप के समान है। अतः उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अध्यक्ष द्वारा संज्ञान में लेकर विशेषाधिकार समिति को संदर्भित करने का अनुरोध किया है, ताकि समुचित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उक्त अनुच्छेद में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह संवैधानिक संरक्षण संसद अथवा राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की गुप्त बैठकों की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्टों के प्रकाशन पर लागू नहीं होता। उल्लेखनीय है कि जालंधर पुलिस द्वारा उनके विरुद्ध यह आरोप लगाते हुए एफ.आई.आर. दर्ज की गई थी कि उन्होंने विधानसभा कार्रवाई से संबंधित आतिशी का एक कथित रूप से संपादित (डॉक्टर्ड) वीडियो सोशल मीडिया पर सांझा किया है।
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