जालंधर जिमखाना क्लब चुनाव: क्रॉस वोटिंग का खेल खेलने लगे कई उम्मीदवार!

Edited By Urmila,Updated: 29 Aug, 2026 10:59 AM

jalandhar gymkhana club elections

जालंधर जिमखाना क्लब के चुनावों को अब कुछ ही घंटों का समय शेष रह गया है।

जालंधर (खुराना): जालंधर जिमखाना क्लब के चुनावों को अब कुछ ही घंटों का समय शेष रह गया है। 30 अगस्त को सुबह 8 बजे मतदान शुरू होगा, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। इस बार कुल 4,078 वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। डोर-टू-डोर प्रचार और बैठकों का दौर अब थम गया है और उम्मीदवारों का प्रचार सोशल मीडिया तक सीमित हो गया है। इसी बीच चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है, जो खासकर ऊपर वाली दो पोस्टों पर देखने को मिल रही है।

वाइस प्रेजिडेंट और कैशियर की पोस्ट पर क्रॉस वोटिंग की संभावना संबंधी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि क्रॉस वोटिंग के इस खेल में कुछ उम्मीदवार सक्रिय हैं। चर्चा है कि एक ग्रुप का कर्ता-धर्ता भी इस गेम में लगा हुआ है और दूसरे ग्रुप के एक उम्मीदवार से लगातार संपर्क में है। माना जा रहा है कि दोनों ओर से वोटों के लेन-देन के जरिए अपने-अपने उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

अब क्रॉस वोटिंग का यह खेल चुनाव में कितना कामयाब होता है, यह तो 30 अगस्त को परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा। हालांकि इतना जरूर है कि कुछ सीटों पर हैरान करने वाले परिणाम भी सामने आ सकते हैं। कुछ सप्ताह पहले जिमखाना क्लब चुनाव को एकतरफा माने जाने के जो अनुमान लगाए जा रहे थे, वे अब धीरे-धीरे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं।

क्लब में लोकतंत्र बहाली का मुद्दा उठा रहे छाबड़ा, सहदेव और कोचर

क्लब चुनाव की शुरुआत में प्रोग्रेसिव ग्रुप ने अचीवर्स के सामने सरेंडर करते हुए उनके घोषित उम्मीदवारों को समर्थन दे दिया था। ऐसे में चुनाव एकतरफा दिखाई देने लगा था, लेकिन इसी बीच क्लब सदस्यों में रोष की भावना पैदा हुई और क्लब में लोकतंत्र की बहाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

इसके बाद पूर्व सेक्रेटरी एडवोकेट दलजीत सिंह छाबड़ा ने मोर्चा संभाला और प्रोग्रेसिव ग्रुप में दोबारा जान फूंकते हुए खुद चुनाव मैदान में उतर गए। आज कई मुश्किलों के बावजूद एडवोकेट दलजीत सिंह छाबड़ा न केवल खुद चुनाव मैदान में डटे हुए हैं, बल्कि उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट और कैशियर पद पर भी उम्मीदवार खड़े किए हैं।

तीनों उम्मीदवार क्लब में लोकतंत्र का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहे हैं और क्लब सदस्यों तक यह संदेश पहुंचाने में लगे हैं कि अगर एक ग्रुप की चाल कामयाब हो जाती तो आज क्लब सदस्यों को वोट डालने का मौका नहीं मिलता, बल्कि उन्हें पहले से निर्धारित टीम के साथ ही काम चलाना पड़ता। एडवोकेट दलजीत सिंह छाबड़ा के इस प्रयास की कई क्लब सदस्य सराहना कर रहे हैं। हालांकि यह सराहना वोटों में कितनी बदलती है, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।

दूसरी ओर, पूर्व कैशियर मेजर कोचर ने अपने भतीजे गुरदर्शन सिंह कोचर उर्फ गुरजी को चुनाव मैदान में उतारकर पासा पलटने के प्रयास शुरू कर रखे हैं। गुरजी कोचर को जहां मेजर कोचर के पुराने वोट बैंक का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं युवाओं में भी उनकी लोकप्रियता देखने को मिल रही है। ऐसे में कैशियर पद पर उलटफेर की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा रहा।

उच्च शिक्षित होने के कारण गुरजी कोचर अपना विजन क्लब सदस्यों तक पहुंचाने में भी काफी कामयाब रहे हैं। वहीं रोटेरियन विजय सहदेव भी अपने संपर्कों के माध्यम से तेजी से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस तरह इन तीनों उम्मीदवारों द्वारा लोकतंत्र की बहाली का मुद्दा उठाए जाने से क्लब चुनाव का माहौल और भी दिलचस्प हो गया है।

20 साल के अनुभव के बाद सेक्रेटरी चुनाव लड़ रहे हैं अमित कुकरेजा

जिमखाना क्लब के चुनाव में अचीवर्स ग्रुप की ओर से सेक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ रहे अमित कुकरेजा अपने करीब 20 वर्षों के अनुभव को लेकर सदस्यों के बीच जा रहे हैं। कुकरेजा 2006 में पहली बार एग्जीक्यूटिव बने थे। वह एक बार ज्वाइंट सेक्रेटरी, एक बार कोषाध्यक्ष और दो बार जूनियर वाइस प्रेजीडेंट रह चुके हैं।

अमित कुकरेजा बी.कॉम, एम.बी.ए. हैं। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेटर भी रह चुके हैं और वर्तमान में स्पोर्ट्स बिजनेस से जुड़े हुए हैं। उनके कार्यकाल दौरान क्लब में कई खेल गतिविधियों और सुविधाओं को बढ़ावा मिला। उन्होंने पहली बार जिमखाना के टेनिस ग्राउंड में जी.पी.एल. टूर्नामैंट शुरू करवाया। स्पोर्ट्स कार्निवल की शुरुआत भी उनके कार्यकाल के दौरान हुई। वर्ष 2008 में स्क्वैश कोर्ट के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया जाता है कि एडमिन ब्लॉक बनाने की पहल भी उन्हीं की थी। इसके अलावा क्लब में रूफटॉप के निर्माण के समय भी वह कमेटी के चेयरमैन थे।

चुनाव प्रचार में सबसे आगे निकले गगनदीप उप्पल, युवाओं को आगे लाने का दिया विजन

जिमखाना चुनाव में इस बार एग्जीक्यूटिव पोस्ट के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें गगनदीप उप्पल पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं और वह सबसे कम उम्र के उम्मीदवारों में शामिल हैं। इसके बावजूद चुनाव प्रचार में उनकी सक्रियता लगातार चर्चा में बनी हुई है और वह प्रचार के मामले में काफी आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं। गगनदीप उप्पल ने शुक्रवार को क्लब परिसर के बाहर अपने बैनर और होर्डिंग लगवाए। इसके साथ ही उन्होंने तेजी से चुनाव प्रचार करते हुए अधिक से अधिक क्लब सदस्यों से संपर्क किया।

गगनदीप उप्पल ने अपना विजन भी क्लब सदस्यों के सामने रखा। उनका कहना है कि युवाओं को आगे लाकर क्लब को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही जिमखाना क्लब की पुरानी परंपराओं और गरिमा को भी कायम रखा जाना जरूरी है। बताया जा रहा है कि गगनदीप उप्पल को चुनाव प्रचार के दौरान अच्छा उत्साह और समर्थन मिल रहा है। गगन धवन सहित उनके अन्य समर्थक भी खुलकर उनके पक्ष में प्रचार कर रहे हैं।

क्लब चुनाव में सोशल मीडिया का हो रहा दुरुपयोग : जे.बी. सिंह चौधरी

मॉडल टाऊन नॉर्थ वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान लॉयन जे.बी. सिंह चौधरी ने कहा कि जिमखाना क्लब चुनाव लड़ रहे ज्यादातर उम्मीदवार सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे आम लोगों, खासकर क्लब वोटरों को परेशानी होने लगी है।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवार व्हाट्सएप ग्रुपों में लगातार अपनी प्रचार सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। इसके अलावा एस.एम.एस. के जरिए भी वोटरों को बार-बार संदेश भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रचार के लिए दिन में एक दो संदेश ही पर्याप्त है, लेकिन उम्मीदवार लगातार मैसेज भेजकर वोटरों को खिझा रहे हैं।

जे.बी. सिंह चौधरी ने कहा कि चुनाव प्रचार के नाम पर सोशल मीडिया और मोबाइल संदेशों का इस तरह लगातार इस्तेमाल करना उचित नहीं है क्योंकि वोटर अपना मन बना चुके हैं। उम्मीदवारों को चाहिए कि वे वोटरों की सुविधा और निजता का भी ध्यान रखें।

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