Edited By Urmila,Updated: 10 Oct, 2026 12:19 PM

2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के पास आते ही पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है।
श्री मुक्तसर साहिब (तनेजा, खुराना): 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के पास आते ही पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। हाल ही में राज्य के नए इंचार्ज सचिन पायलट और नए प्रदेश प्रधान प्रगट सिंह की नियुक्ति के बाद लगे स्वागत बोर्डों ने पार्टी के आपसी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
इससे पहले अप्रैल 2022 से राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और जनवरी 2026 में भूपेश बघेल को पंजाब का इंचार्ज बनाया गया था। लगातार विरोध और अंदरूनी मतभेदों के चलते सितम्बर 2026 में बघेल की जगह सचिन पायलट को इंचार्ज नियुक्त किया गया।
हालांकि, उनके और राजा वडिंग के बीच भी तालमेल नहीं बन पाया, जिसके बाद पायलट की रिपोर्ट के आधार पर राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और 2 अक्तूबर को प्रगट सिंह को नया प्रदेश प्रधान नियुक्त किया गया।
इस राजनीतिक उठापटक का सीधा असर श्री मुक्तसर साहिब में देखने को मिला, जहां फ्लेक्स बोर्डों को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। पूर्व इंचार्ज भूपेश बघेल के दौरे के समय वडिंग विरोधी टकसाली गुट ने उनके खिलाफ बैनर लगाए थे।
अब सचिन पायलट और प्रगट सिंह की नियुक्ति के बाद इसी टकसाली गुट के नेताओं ने शहर में बधाई के फ्लेक्स लगाकर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का स्वागत किया। इस दौरान राजा वडिंग समर्थित जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं के नाम और फोटो इन फ्लेक्सों से पूरी तरह गायब रहे।
जिला अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने अभी तक नए प्रधान के स्वागत में कोई आधिकारिक फ्लेक्स नहीं लगाया है और नवरात्रों के बाद उनसे मुलाकात करेंगे, जबकि टकसाली नेताओं का कहना है कि उन्होंने आलाकमान के फैसले के प्रति अपनी वफादारी जताने के लिए यह बोर्ड लगाए हैं।
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