Edited By Kamini,Updated: 05 Sep, 2026 07:05 PM

परिवारिक झगड़ों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है।
पंजाब डेस्क: परिवारिक झगड़ों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने पारिवारिक झगड़ों में गुजारे भत्ते को लेकर एक बहुत जरूरी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया है कि अगर पत्नी के पास गुजारे भत्ते का कोई जरिया नहीं है और वह किसी सही वजह से अपने पति से अलग रह रही है, तो पति सिर्फ यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता कि पत्नी अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में बठिंडा फैमिली कोर्ट ने 15 दिसंबर 2022 के आदेशों को सही ठहराया है और पति की अपील खारिज कर दी है।
गौरतलब है कि बठिंडा फैमिली कोर्ट ने पति को अपनी पत्नी और बेटी को हर महीने 5-5 रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था, जिसे पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले के मुताबिक, पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसे दहेज के लिए परेशान किया जाता था। उसका पति शराब और दूसरे ड्रग्स लेता था और उसे पीटता था और उसे और उसकी बेटी को घर से निकाल देता था। दूसरी तरफ, पति ने दावा किया था कि उसकी पत्नी अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई है। वह उन्हें अपने साथ रखने को तैयार है, लेकिन हाईकोर्ट की बेंच ने पति के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने पाया कि पति ने खुद माना है कि पंचायत के दखल के बाद पत्नी 2 बार उसके साथ रहने आई थी, जिससे साबित होता है कि दोनों के बीच पहले से ही झगड़ा था। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में यह दिखाने के लिए काफी सबूत हैं कि पत्नी के पास अलग रहने का 'वाजिब' कारण था। इसलिए, पति को अपनी पत्नी और बेटी को हर महीने 5-5 रुपये का प्रति महीने गुजारा भत्ता देना होगा।
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