Edited By Urmila,Updated: 02 Sep, 2026 02:05 PM

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में मौत की सजा का सामना कर रहे।
चंडीगढ़ (अंकुश महाजन): पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में मौत की सजा का सामना कर रहे और पटियाला सेंट्रल जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना की आंखों के ऑपरेशन के लिए दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की कोर्ट ने साफ किया कि राजोआना की आंखों का ऑपरेशन किसी भी प्राइवेट अस्पताल में नहीं होगा, बल्कि यह प्रोसेस सिर्फ पी.जी.आई. चंडीगढ़ में ही पूरा किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान ए.एस.जी. (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) की दलीलों पर विचार करते हुए, कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की और फैसला सुनाया कि आम लोग भी बेहतर इलाज के लिए पी.जी.आई. को ही पसंद करते हैं। ऐसे में, कोर्ट को राजोआना के प्राइवेट अस्पताल में इलाज की मांग के पीछे कोई ठोस या सही वजह नजर नहीं आई।
कोर्ट ने पिटीशनर को यह छूट दी है कि वह पी.जी.आई. में जाकर अपनी आंखों की जांच करवा सकते हैं और अगर स्पेशलिस्ट डॉक्टर ऑपरेशन को जरूरी समझते हैं, तो यह ऑपरेशन पुलिस सुरक्षा में पी.जी.आई. में किया जाएगा। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में पी.जी.आई. में हुई जांच में यह कन्फर्म हुआ था कि राजोआना की आंखों में मोतियाबिंद है। चूंकि पटियाला सेंट्रल जेल अस्पताल में इस ऑपरेशन की सुविधा नहीं थी, इसलिए उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पिटीशन में उसने कहा था कि पावर वाला चश्मा पहनने की वजह से उन्हें एलर्जी और खुजली की दिक्कत होती थी। इसलिए उसने अपने खर्चे पर पटियाला के डॉ. आर.एस. रंधावा आई अस्पताल में ऑपरेशन करवाने और बाद में वापस जेल भेजे जाने की परमिशन मांगी थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब राजोआना की आगे की जांच और संभावित ऑपरेशन का पूरा प्रोसेस पी.जी.आई. चंडीगढ़ में ही पूरा किया जा सकेगा।
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