पंजाब के लोगों के लिए खतरे की घंटी! घर से बाहर निकलने से पहले पढ़ें...

Edited By Vatika,Updated: 02 Jun, 2025 12:26 PM

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पंजाब में भीषण गर्मी का कहर जारी है।

पंजाब डेस्क: पंजाब में भीषण गर्मी का कहर जारी है। इसी बीच सिविल अस्पताल बरनाला के एस.एम.ओ. डॉ. ज्योति कौशल ने लोगों को गर्मी की लहर (लू) से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सलाहें दी हैं। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी के इस मौसम में लू लगने का खतरा बहुत ज्यादा होता है, इसलिए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए।

डॉ. कौशल ने बताया कि लू के प्रकोप से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि जब भी घर से बाहर निकलना हो तो हल्के रंगों वाले, सूती और आरामदायक कपड़े पहनें। इसके साथ ही, सीधी धूप से बचने के लिए अपने सिर को किसी कपड़े या टोपी से ढक कर रखें। लू लगने के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. कौशल ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को आंखों के सामने अंधेरा आने लगे, चक्कर आ कर गिरने जैसा महसूस हो, बेचैनी और घबराहट हो, हल्का या तेज बुखार हो, जरूरत से ज्यादा प्यास लगे, सिर में तेज दर्द हो और उल्टियां आएं, कमजोरी महसूस हो, गर्मी के बावजूद पसीना कम आए या मांसपेशियों में दर्द हो तो यह लू लगने के संकेत हो सकते हैं।

ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत क्या करना चाहिए, इस बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी को लू लगने के लक्षण दिखाई दें तो उस व्यक्ति को तुरंत छांव में बिठा देना चाहिए। उसके कपड़े ढीले कर दो और उसे पीने के लिए कुछ तरल पदार्थ दो। शरीर को ठंडा करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां करो या यदि संभव हो तो मरीज को ठंडे पानी से भरे बाथटब में लिटाओ। इसके अलावा, उसे ओ.आर.एस. का घोल बना कर पिलाना भी लाभदायक होता है। डॉ. कौशल ने गंभीर स्थितियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि बुखार 104 या 105 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा हो जाए, शरीर के गर्म होने पर पसीना आना बंद हो जाए और चमड़ी रूखी-रूखी हो जाए, मरीज बेहोश हो जाए या ज्यादा घबराहट हो तो तुरंत किसी स्वास्थ्य संस्था में जा कर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ खास लोगों को गर्मी लगने का खतरा ज्यादा होता है। इनमें बच्चों से लेकर बड़ों तक मोटापे से पीड़ित लोग, दिल के मरीज, शारीरिक रूप से कमजोर लोग और वे लोग शामिल हैं जो कुछ विशेष दवाइयां खा रहे हैं जिनका शरीर के रसायनों या खून की नलियों पर असर पड़ता है। इसके अलावा, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी गर्मी लगने का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए इन वर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में कुछ और सावधानियां बरतने की सलाह देते हुए डॉ. कौशल ने कहा कि जब भी गर्मी में बाहर जाना हो तो कभी भी खाली पेट घर से बाहर न निकलें। ज्यादा मिर्च और मसालेदार भोजन से परहेज करें क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप कूलर या एसी वाले कमरे में हों तो एक दम धूप में न निकलें, शरीर को तापमान में तब्दीली के अनुकूल होने का समय दें। अंत में डॉ. ज्योति कौशल ने सभी से अपील की कि वे लू से बचने के लिए इन सभी सावधानियों को अपनी रोजाना जिंदगी में अपनाएं और ज्यादा समय घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रहो और स्वस्थ रहो।

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