ओवरलोड ट्रकों पर कौन लगाएगा लगाम? कार पर गिरी धान की बोरी, जिम्मेदार...?

Edited By Urmila,Updated: 11 Oct, 2026 01:43 PM

havoc caused by overloaded trucks

भागोअराइयां से सुल्तानपुर लोधी जाने वाली लिंक सड़क पर ओवरलोड धान के ट्रक के कारण हुए हादसे ने सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुल्तानपुर लोधी (धीर): भागोअराइयां से सुल्तानपुर लोधी जाने वाली लिंक सड़क पर ओवरलोड धान के ट्रक के कारण हुए हादसे ने सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चलते ट्रक से धान की एक बोरी कार पर आ गिरी, जिससे कार के आगे और साइड के शीशे बुरी तरह टूट गए। गनीमत रही कि कार चालक की जान बच गई, लेकिन यदि बोरी किसी मोटरसाइकिल सवार या पैदल राहगीर पर गिर जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। 

हैरानी की बात यह है कि जहां लिंक सड़कों पर ऐसे भारी वाहन लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं, वहीं मुख्य सड़कों और हाईवे मार्गों पर भी धान से लदे ओवरलोड ट्रक खड़े और चलते आम देखे जा सकते हैं। इन वाहनों को कौन रोकता है और इनकी जांच कौन करता है, यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

अचानक कार पर गिरी बोरी, चकनाचूर हुए शीशे

पीड़ित रणजोध सिंह पुत्र, निवासी गांव भागोअराइयां ने बताया कि वह अपनी कार से भागोअराइयां से सुल्तानपुर लोधी की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव शेरपुर सद्धा की ओर स्थित शैलर में जा रहे एक ओवरलोड ट्रक से अचानक धान की बोरी उसकी कार पर आ गिरी। बोरी गिरने से कार के आगे और साइड के शीशे बुरी तरह टूट गए तथा वाहन को काफी नुकसान पहुंचा।

रणजोध सिंह ने कहा कि परमात्मा की कृपा से उसकी जान बच गई, लेकिन इस तरह की लापरवाही किसी दूसरे व्यक्ति की जान भी ले सकती है। उसने आरोप लगाया कि ट्रक पर धान की बोरियों को सुरक्षित तरीके से बांधने के लिए रस्सियां तक नहीं लगाई गई थीं। हादसे के बाद ट्रक चालकों द्वारा पूरे नुकसान की भरपाई करने के बजाय आधा नुकसान देने की बात कहे जाने का भी उसने जिक्र किया।

लिंक सड़कें ही नहीं, मुख्य मार्गों पर भी नियमों के उल्लंघन के आरोप

इलाकावासियों का कहना है कि धान के सीजन के दौरान शैलरों की ओर जाने वाले ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई बार ट्रकों पर बोरियां बिना उचित सुरक्षा प्रबंधों के लादी जाती हैं। भागोअराइयां से सुल्तानपुर लोधी जाने वाली लिंक सड़क जैसे रास्तों पर ऐसे वाहनों की आवाजाही के कारण हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों के अनुसार, मुख्य सड़कों और हाईवे मार्गों पर भी धान से लदे भारी ट्रक खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन इनके खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई होती नजर नहीं आती।

गांववासियों ने बताया कि इससे पहले भी ऐसे भारी वाहनों के कारण बिजली की तारें खिंचने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे गांव में एलसीडी और गुरुद्वारा साहिब की लाइटें जलने के कारण नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।

प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागे, ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की मांग

समाजसेवियों और गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लिंक सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों और हाईवे तक ओवरलोड ट्रकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रकों पर धान की बोरियां नियमों के अनुसार लादी जाएं और उन्हें रस्सियों या अन्य उचित सुरक्षा प्रबंधों के साथ अच्छी तरह बांधना सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे जाएं और कानून के अनुसार जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त किया जाए। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी निर्दोष राहगीर की जान चली जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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