संगत में रंगे गोरी मेम और साहिब, अब सदा रहेंगे सिखी स्वरूप में

Edited By Vatika,Updated: 05 Aug, 2019 04:44 PM

gurudwara langar damdama sahib

संत बाबा बेअंत सिंह जी और संत बाबा सुखदेव सिंह जी बेर कलां (हेमकुंट लंगरों वाले) के नेतृत्व में हेमकुंट साहिब और चार धामों के यात्रियों के विश्राम और लंगर के

खन्ना(कमल): संत बाबा बेअंत सिंह जी और संत बाबा सुखदेव सिंह जी बेर कलां (हेमकुंट लंगरों वाले) के नेतृत्व में हेमकुंट साहिब और चार धामों के यात्रियों के विश्राम और लंगर के लिए नगरासू (उतराखंड) में गुरुद्वारा लंगर दमदमा साहिब में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

PunjabKesariइस दौरान गुरुद्वारा लंगर दमदमा साहिब में कैनेडियन गोरे पति-पत्नी भी रात के लिए विश्राम करने के लिए रुके। यह जोड़ा गुरु घर की सेवा देखकर बहुत प्रसन्न हुआ, इस दौरान इस जोड़े ने लंगर पकाने और बरताने की सेवा की, जिन्होंने सिखी के असूलों के बारे में जानकारी ली, प्रभावित होकर पंजाबी पहनावा भी पहना और केश रखकर सिखी स्वरूप धारण करने का वायदा किया। इस मौके पर संत बाबा बेअंत सिंह जी ने दोनों को पंजाबी सूट दिए और सिरोपे देकर सम्मानित किया।

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