Edited By Kalash,Updated: 20 Jun, 2026 05:35 PM

पनबस-पी.आर.टी.सी. कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 22 जून से प्रस्तावित हड़ताल को दो दिन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जालंधर (पुनीत): पनबस-पी.आर.टी.सी. कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 22 जून से प्रस्तावित हड़ताल को दो दिन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यूनियन ने 24, 25 और 26 जून को पंजाब भर में सरकारी बसों का चक्का करके मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के बाहर धरना देने का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि यह फैसला नीट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
राज्य स्तरीय बैठक में यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लागू करने की बजाय लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि चार वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद न तो विभाग में किसी कर्मचारी को नियमित किया गया है और न ही नई सरकारी बसें शामिल की गई हैं। इसके विपरीत किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा देकर विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने कहा कि यूनियन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल को दो दिन के लिए स्थगित किया है, लेकिन सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण का विरोध करने वाले कर्मचारियों को जेलों में बंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीनियर उपप्रधान हरकेश विक्की ने कहा कि विभाग की अपनी बसें स्पेयर पार्ट्स और अन्य कारणों का हवाला देकर खड़ी की जा रही हैं, जबकि निजी किलोमीटर स्कीम की बसों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी परिवहन व्यवस्था कमजोर हो रही है और निजी ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन, कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और पहले हुई बैठकों में मानी गई मांगों को लागू करने संबंधी मुद्दे अभी तक लंबित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो 24 से 26 जून तक पंजाब के सभी डिपुओं में पूर्ण हड़ताल की जाएगी तथा मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया जाएगा।
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