Jalandhar : नगर कीर्तन के दौरान विवाद, युवक की एक्टिवा जब्त कर थमाया 14,500 रुपये का चालान

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 08:03 PM

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शहर के व्यस्त इलाके भगत सिंह चौक के पास नगर कीर्तन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे पुलिस कर्मियों और एक युवक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि बहस के बाद युवक की एक्टिवा जब्त कर 14,500 रुपये का चालान काट दिया गया।

जालंधर (कशिश): शहर के व्यस्त इलाके भगत सिंह चौक के पास नगर कीर्तन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे पुलिस कर्मियों और एक युवक के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि बहस के बाद युवक की एक्टिवा जब्त कर 14,500 रुपये का चालान काट दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नगर कीर्तन के चलते क्षेत्र में भारी भीड़ थी और ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान एक ट्रैफिक कर्मी की न्यूट्री कुलचा की रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार से रेहड़ी साइड में करने को लेकर कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद तरुण नामक युवक, जो वहां न्यूट्री कुलचा खा चुका था, ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और दोनों पक्षों को शांत रहने के लिए कहा।

तरुण का आरोप है कि इसके बाद ट्रैफिक कर्मी ने उससे उसकी एक्टिवा के कागजात मांगने शुरू कर दिए। युवक ने बताया कि उसकी ड्यूटी नगर कीर्तन में लगी हुई थी और वहां किसी प्रकार की नाकाबंदी भी नहीं थी। उसने पुलिस कर्मी को कहा कि उसके वाहन के कागजात उस समय घर पर हैं और वह 15 मिनट में लाकर दिखा देगा।

तरुण के अनुसार, इसके बावजूद पुलिस कर्मी ने अपनी टीम को मौके पर बुलाया और उसकी एक्टिवा को कब्जे में लेकर 14,500 रुपये का चालान काट दिया तथा वाहन को बांड कर दिया। युवक का कहना है, “मेरी सिर्फ इतनी गलती थी कि उस समय मेरी एक्टिवा में कागज नहीं थे। अगर पुलिस ने कागज न होने पर कार्रवाई की तो वह भी ठीक है, लेकिन मैंने किसी तरह की कोई बदतमीजी नहीं की।”

उसने आरोप लगाया कि चालान में ‘मिस बिहेव’ (दुर्व्यवहार) का भी उल्लेख किया गया है, जबकि उसने पुलिस कर्मियों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की। तरुण का कहना है कि “अगर आम जनता पुलिस के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश करे तो क्या उसका 14,500 रुपये का चालान काटकर उसे चुप करवाया जा सकता है?”

घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई अलग बात है, लेकिन यदि किसी पर गलत तरीके से अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले में ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत मिलने पर उच्च अधिकारी जांच कर सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

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