Edited By Kalash,Updated: 03 Aug, 2026 04:46 PM

इस वर्ष पंजाब और हिमाचल प्रदेश में मानसून की कम बारिश के कारण पोंग डैम स्थित महाराणा प्रताप सागर झील का जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है।
तलवाड़ा (जोशी): इस वर्ष पंजाब और हिमाचल प्रदेश में मानसून की कम बारिश के कारण पोंग डैम स्थित महाराणा प्रताप सागर झील का जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है। गत वर्ष की तुलना में आज झील के पानी का स्तर लगभग 20 फुट कम दर्ज किया गया है। मानसून सीजन के दौरान जलस्तर में आई इस भारी गिरावट ने न केवल प्रशासन और बी.बी.एम.बी. (भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड) की चिंताएं बढ़ा दी हैं, बल्कि स्थानीय किसानों और आम जनता के माथे पर भी शिकन ला दी है। वहीं इसके कारण आने से वाले दिनों में बिजली उत्पादन और सिंचाई पर संकट पड़ सकता है। यदि आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं होती है, तो आने वाले समय में एक गंभीर जल संकट खड़ा होना तय माना जा रहा है।
बिजली उत्पादन पर असर
पोंग डैम जल बिजली प्रोजेक्ट के माध्यम से होने वाले बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। पोंग डैम से निकलने वाली मुकेरियां हायडल नहर और ब्यास नदी के माध्यम से पंजाब और राजस्थान के विस्तृत कृषि क्षेत्रों को सिंचाई का पानी दिया जाता है। जलस्तर कम रहने से फसलों की सिंचाई के लिए दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है।
मानसून के इस अनिश्चित रवैये पर क्षेत्र के लोगों में भारी निराशा और चिंता का माहौल है। पिछले वर्ष जहां क्षेत्र को बाढ़ जैसी विनाशकारी स्थिति का सामना करना पड़ा था, वहीं इस साल बारिश न होने से सूखे के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त महीने में अगर अच्छी बारिश नहीं होती है, तो आने वाले रबी सीजन के दौरान फसलों की बिजाई और क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बेहद बड़ी चुनौती साबित होगा।
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