Edited By Kalash,Updated: 15 Jan, 2026 03:08 PM

पंजाब कांग्रेस संगठन को लेकर पार्टी हाईकमान की ओर से एक नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
पंजाब डेस्क: पंजाब कांग्रेस संगठन को लेकर पार्टी हाईकमान की ओर से एक नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस संबंध में राज्य के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संदेश भेजते हुए बताया कि ‘मनरेगा संग्राम’ अभियान को आगे भी सक्रिय रूप से चलाया जाएगा।
राजा वड़िंग के अनुसार, हाईकमान के ताजा सर्कुलर के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता 16 जनवरी से 25 जनवरी तक गांव-गांव जाकर मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण इलाकों में मनरेगा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पहल सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के निर्देशों पर शुरू की गई है, जिसमें नेताओं की सक्रियता और कार्यशैली का भी आकलन किया जाएगा।
नए निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक नेता को अपने क्षेत्र के कम से कम 10 गांवों में जाना अनिवार्य होगा। हर गांव में रोजाना 200 से 250 लोगों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों की जानकारी दी जाएगी और यह समझाया जाएगा कि इन परिवर्तनों से मजदूरों पर क्या असर पड़ रहा है।
अभियान के दौरान ऐसे मजदूरों की पहचान करने पर भी जोर दिया जाएगा, जिन्हें जॉब कार्ड होने के बावजूद काम नहीं मिल पा रहा है। जिन लोगों के जॉब कार्ड किसी और के पास हैं, उन्हें वापस दिलाने में भी मदद की जाएगी। इसके साथ ही ग्राम सभाओं के जरिए नए मनरेगा नियमों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर जिला और प्रदेश नेतृत्व को सौंपने की योजना है।
इस पूरे कार्यक्रम की निगरानी पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल करेंगे। नेताओं को अपने कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो जिला अध्यक्षों को भेजने होंगे, जो आगे प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाए जाएंगे। राजा वारिंग ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि इस अभियान को केवल औपचारिकता न बनाकर गंभीरता से लिया जाए, ताकि ग्रामीण स्तर पर पार्टी का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके और संगठन को मजबूती मिले।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here