4 घंटे इमरजेंसी में तड़पता रहा मरीज, नहीं आई एम्बुलैंस

Edited By Vatika,Updated: 02 Aug, 2019 12:43 PM

civil hospital khanna

अक्सर अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में घिरे रहने वाले सिविल अस्पताल खन्ना की घटिया कार्यशैली एक बार फिर से सामने आई है।

खन्ना: अक्सर अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में घिरे रहने वाले सिविल अस्पताल खन्ना की घटिया कार्यशैली एक बार फिर से सामने आई है। आज अस्पताल की एमरजैंसी में करीब 4 घंटे उस समय मरीज तड़पता रहा, जब उसे रैफर करने के बाद एम्बुलैंस नहीं आई। हैरानी की बात तो यह है कि सिविल अस्पताल के पीछे ही 108 एम्बुलैंस तथा सिविल अस्पताल की अपनी एम्बुलैंस भी खड़ी थी, लेकिन मरीज को चंडीगढ़ ले जाने के लिए कोई एंबुलैंस नहीं भेजी गई। 
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इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए हरि सिंह पुत्र भरपूर सिंह निवासी गांव जरग ने बताया कि उसके पिता भरपूर सिंह के शरीर में इंफैक्शन होने के कारण हालत काफी खराब थी। जिस कारण वे अपने पिता को लेकर सिविल अस्पताल खन्ना करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे थे। वहां डाक्टरों ने चैकअप के बाद करीब पौने 12 बजे उनके पिता को चंडीगढ़ के लिए रैफर कर दिया। इस दौरान उनके पिता एमरजैंसी वार्ड में तड़प रहे थे, लेकिन कोई एम्बुलैंस लेकर नहीं आया। उन्होंने 7 बार 108 नंबर पर फोन भी किया लेकिन हर बार उन्हें नया जवाब मिला। कभी बोला गया कि कोई एम्बुलैंस खाली नहीं है। कभी तकनीकी खराबी बताया गया लेकिन जिस समय वे फोन कर रहे थे, उस समय अस्पताल के पीछे ट्रामा सैंटर के बाहर 108 एम्बुलैंस खाली खड़ी थी। सिविल अस्पताल की अपनी एम्बुलैंस भी वहीं थी। जब वे एम्बुलैंस के ड्राइवरों के पास गए तो उन्होंने कहा कि वे हैडक्वार्टर की मंजूरी के बिना नहीं जा सकते। 

आखिर जब 4 बजे तक कोई एम्बुलैंस या अस्पताल की तरफ से कोई अन्य साधन नहीं भेजा गया तो भरपूर सिंह की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्होंने अपनी जान पहचान के व्यक्ति को बुलाकर गाड़ी का प्रबंध किया। इस उपरांत वे चंडीगढ़ के लिए निकले। हरि सिंह ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं है। गरीबों की जान की किसी को कोई ङ्क्षचता नहीं है। प्रशासन को इस तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। 

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