मुख्यमंत्री ने पंजाब जेल विकास बोर्ड तथा अलग इंटैलीजैंस विंग बनाने के निर्देश दिए

Edited By Sunita sarangal,Updated: 21 Feb, 2020 08:47 AM

chief minister directed to create punjab jail development board

गृह सचिव सतीश चंद्रा व डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता सहित उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक

जालंधर(धवन): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने राज्य की जेलों में क्रांतिकारी सुधार लाने के निर्देश दिए हैं जिसके तहत जेलों में ए.एल. से युक्त सी.सी.टी.वी. सिस्टम, लाइव वायर फैंसिंग, जेलों के लिए अलग इंटैलीजैंस विंग बनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने मौजूदा बजट सैशन में ही पंजाब जेल विकास बोर्ड का बिल पास करवाने के लिए जेल विभाग को कहा है। 

जेल विभाग ने जेलों में लाइव वायर फैंसिंग (220/440 बोल्ट) लगाने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने 9 केन्द्रीय जेलों, 7 जिला जेलों तथा 2 स्पैशल जेलों में इंटैलीजैंस युक्त सी.सी.टी.वी. सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आज जेल मंत्री सुखजिन्द्र सिंह रंधावा, डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता, गृह सचिव सतीश चंद्रा, ए.डी.जी.पी. प्रशासन गौरव यादव, ए.डी.जी.पी. कानून व व्यवस्था ईश्वर सिंह, ए.डी.जी.पी. (इंटैलीजैंस) वरिन्द्र कुमार तथा अन्य उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके जेलों में सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। वहीं जेल विभाग 4 सप्ताह के भीतर जेलों की पुन: संरचना को लेकर एक व्यापक योजना सरकार के सामने पेश करे। 

उन्होंने ए.डी.जी.पी. जेल प्रवीण कुमार सिन्हा से कहा कि वह जेलों की पुन: संरचना तथा कैदियों के सुधार के लिए नई स्कीमों को लागू करने का एजैंडा सरकार के सामने पेश करे। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि विचाराधीन कैदियों को अदालतों में सुनवाई के लिए लाने पर होने वाले रोजाना 40-50 लाख के खर्चे को न्यूनतम करने के उद्देश्य से सभी जेलों में वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग सिस्टम स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जेलों में सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री ने वार्डर्न्स के 305 पदों के अलावा अन्य 448 व 28 अन्य पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए। उन्होंने 37 अतिरिक्त वाहन खरीदने की भी मंजूरी दी। लुधियाना के केन्द्रीय जेल में सुरक्षा को बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने डबल वायर आंतरिक बाऊंड्री वॉल पर लगाने तथा 3 अतिरिक्त वॉच टावर लगाने के भी निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने पटियाला के केन्द्रीय जेल की बाहरी बाऊंड्री वाल को भी बदलने की मंजूरी दी। उन्होंने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कैदियों का सरबत सेहत बीमा योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए कहा। तेलंगाना के पूर्व डी.जी.पी. जेल विनय कुमार सिंह तथा आई.आई.एम. रोहतक के डायरैक्टर धीरज शर्मा ने जेलों में सुधार व आधुनिकीकरण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में जेल विभाग के प्रधान सचिव आर. वैकेंटरत्नम, आई.जी. जेल आर.के. अरोड़ा तथा डी.आई.जी. लखविन्द्र सिंह जाखड़ ने भी भाग लिया। 

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