Edited By Kalash,Updated: 30 Nov, 2025 05:50 PM

मांगे पूरी न होने के चलते पनबस-पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन द्वारा दूसरे दिन भी बसों का चक्का जाम रखा गया।
जालंधर (पुनीत): मांगे पूरी न होने के चलते पनबस-पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन द्वारा दूसरे दिन भी बसों का चक्का जाम रखा गया। इससे बौखलाए विभागीय अधिकारियों द्वारा यूनियन से संबंधित कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के पत्र जारी किए गए हैं। वहीं यूनियन का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की बहाली नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी। इसी क्रम में आज भी पबनस व पी.आर.टी.सी. से संबंधित 2700 बसें बंद रही और ठेका कर्मचारियों ने कामकाज नहीं किया।
पंजाब सरकार पर बड़े घरानों को लाभ देने का आरोप लगाते हुए ठेका कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल को कई यूनियनों द्वारा समर्थन किया गया है। यूनियन के वक्ताओं का कहना है कि किलोमीटर स्कीम की बसें डालकर सरकार द्वारा पनबस व पी.आर.टी.सी. का निजीकरण करने की साजिशें रची जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। काऊंटरों पर यात्री लंबा इंतजार करते हुए देखे जा रहे हैं। बीच-बीच में लंबे समय तक बसों के काऊंटर खाली नजर आ रहे हैं। प्राइवेट व दूसरे राज्यों की बसों का संचालन जारी है लेकिन यात्रियों के मुकाबले इन बसों की संख्या बहुत कम पड़ रही है, इसके चलते बसों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
खासतौर पर दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों की दिक्कतों में इजाफा हुआ है। वहीं, हड़ताल करने वालों पर बड़ा एक्शन लेते हुए जालंधर डिपो-1 व डिपो-2 के करीब 20 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटी में कोताही व हड़ताल में शामिल होने के कारण नौकरी से निकाला गया है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि पंजाब भर के सभी 27 डिपुओं के कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई होने की सूचना है और इसी क्रम में पंजाब में 250 के करीब ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यूनियन ने कहा कि इस कार्रवाई के खिलाफ बड़ा संघर्ष किया जाएगा। जालंधर से मिली जानकारी के मुताबिक डिपो-1 से प्रधान बिक्रमजीत सिंह, चानण सिंह, डिपो-2 के प्रधान सतपाल सिंह सत्ता, दलजीत सिंह जल्लेवाल, रणजीत सिंह सहित 20 के करीब यूनियन पदाधिकारियों को नौकरी से निकालने के पत्र जारी हुए हैं।
वहीं, विभाग द्वारा 30 नवम्बर को यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को मीटिंग के लिए बुलाया गया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि किलोमीटर स्कीम की बसों के टैंडर को रद्द करना, कर्मचारियों की बहाली करना उनकी मुख्य मांग है, यदि यह मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल जारी रहेगी।
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