Edited By Urmila,Updated: 15 Jun, 2026 03:53 PM

सिविल अस्पताल फगवाड़ा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नशा मुक्ति केंद्र से दवा लेने आए कुछ युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया।
फगवाड़ा : सिविल अस्पताल फगवाड़ा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नशा मुक्ति केंद्र से दवा लेने आए कुछ युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। युवकों ने पहले बाथरूम का दरवाजा तोड़ा और फिर स्टाफ द्वारा पूछताछ करने पर हिंसक हो गए।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात डॉक्टर को बाथरूम में तोड़फोड़ की सूचना मिली थी। डॉक्टर ने यह बात ब्लड बैंक में कार्यरत दर्जा-चार कर्मचारी धर्मेंद्र को बताई और उनसे मौके पर जाकर स्थिति देखने को कहा। जब धर्मेंद्र ने युवकों से दरवाजा तोड़ने का कारण पूछा, तो वे भड़क गए और उस पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान आरोपियों ने धर्मेंद्र को धक्का दिया और उसका सिर दीवार से मार दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घायल कर्मचारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गए। हालांकि, एक युवक को वहां तैनात पुलिस कर्मी ने काबू कर लिया था, लेकिन बाद में वह भी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
घटना की पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम अस्पताल परिसर में गुंडागर्दी की गई। पीड़ित धर्मेंद्र ने बताया कि यदि अस्पताल के कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीजों की सुरक्षा भगवान भरोसे रह जाती है। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को सौंप दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिन युवकों ने हंगामा किया, वे नशा मुक्ति से जुड़ी दवाइयों के लिए अस्पताल आते थे और पहले भी माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं। एक आरोपी की पहचान फुलराय क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है।
मामले की पुष्टि करते हुए परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई जारी है।
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