सिद्धू के ‘आप’ में जाने की चर्चा के बाद कांग्रेस के साथ अकाली-भाजपा में भी हड़कंप

Edited By Vatika,Updated: 18 Jun, 2020 09:19 AM

after the discussion of sidhu joining aap

पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा के बाद कांग्रेस के साथ अकाली-भाजपा में भी हड़कंप मच गया है।

लुधियाना (हितेश): पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू के आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा के बाद कांग्रेस के साथ अकाली-भाजपा में भी हड़कंप मच गया है। यहां बताना उचित होगा कि पिछले साल लोकल बॉडीज विभाग वापस लेने के विरोध में मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू पंजाब के सियासी नक्शे से गायब ही चल रहे हैं।

हालांकि उनके द्वारा यू-ट्यूब चैनल के जरिए अपनी बात पब्लिक प्लेटफॉर्म पर रखने की कोशिश की जा रही है और कोरोना के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी सामने आए। इसी बीच सिद्धू के ‘आप’ में जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया और अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान द्वारा उनका स्वागत करके सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी गई है, क्योंकि इस बात में कोई दोराय नहीं है कि अगर सिद्धू ‘आप’ का चेहरा बनते हैं तो उसे पंजाब में फायदा होगा जिसे लेकर कांग्रेस हाईकमान के पास फीडबैक पहुंच गया है कि सिद्धू के ‘आप’ में जाने से पार्टी को नुक्सान होगा। उधर, सिद्धू के अगले सियासी कदम को लेकर अकाली-भाजपा में भी हड़कंप मच गया है, क्योंकि ‘आप’ शुरू से आरोप लगा रही है कि उसे पंजाब की सत्ता से दूर रखने के लिए अकाली-भाजपा द्वारा कांग्रेस की मदद की गई थी। अब भी अकाली-भाजपा के रणनीतिकार ‘आप’ की पंजाब में एंट्री रोकने के लिए सिद्धू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं जिसकी वजह यह है कि सिद्धू के ‘आप’ में जाने से पंजाब की सत्ता में वापसी के अकाली-भाजपा के सपने को ग्रहण लग सकता है।

आज आशा कुमारी के साथ मीटिंग में होगी प्लानिंग
कांग्रेस द्वारा स्पीक अप इंडिया की एन.आर.आई. मुहिम की शुरूआत में शामिल होने की सूचना जारी करके यह मैसेज देने की कोशिश की गई है कि सिद्धू द्वारा पार्टी को नहीं छोड़ा जा रहा। इसी तरह कैबिनेट में फेरबदल के मुद्दे पर वीरवार को आशा कुमारी के साथ चंडीगढ़ में होने वाली पंजाब के नेताओं की बैठक के दौरान भी सिद्धू के बारे में प्लाङ्क्षनग होने की सूचना है, क्योंकि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए सुनील जाखड पद छोडऩे की पेशकश कर चुके हैं और सिद्धू को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाने की बाते पहले सुनने को मिल चुकी है।

ढींडसा व ब्रह्मपुरा भी कर चुके हैं पेशकश
आम आदमी पार्टी के अलावा परमिंदर ढींडसा व रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा भी सिद्धू को अपने ग्रुप का लीडर बनने की पेशकश कर चुके हैं जिनके द्वारा नई पार्टी के गठन की तैयारी की जा रही है। इससे अकाली दल की परेशानी में इजाफा होना स्वभाविक है।

क्या सिद्धू को लोकल बॉडीज विभाग वापस देंगे कैप्टन
सिद्धू के डिप्टी मुख्यमंत्री बनने की शर्त पर कांग्रेस में शामिल होने के चर्चे थे लेकिन कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने उनका सपना साकार नहीं होने दिया। हालांकि सिद्धू को सबसे बड़ा लोकल बॉडीज विभाग मिल गया लेकिन उसकी वर्किंग को लेकर आए दिन दोनों में मतभेद उजागर होते रहे और लोकसभा चुनाव के बाद कैप्टन ने बेहतर प्रदर्शन न होने की बात कह कर सिद्धू को बिजली विभाग दे दिया।लेकिन सिद्धू लोकल बॉडीज विभाग ही वापस लेने की जिद्द पर अड़े रहे और कैबिनेट से किनारा कर लिया। अब हाईकमान के दबाव में कैप्टन ने यह कह दिया है कि सिद्धू कांग्रेस में ही है और उनके साथ उन्हें कोई शिकायत नहीं है और अगर सिद्धू को कोई शिकायत है तो वह उनके साथ बात कर सकते हैं। बताया जाता है कि सिद्धू को ‘आप’ में जाने से रोकने के लिए कैप्टन उसे वापस कैबिनेट में लेने पर तो सहमत हो गए हैं लेकिन लोकल बॉडीज विभाग वापस देने बारे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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