Edited By Urmila,Updated: 11 Jan, 2026 03:05 PM

लोहड़ी के त्योहार पर बहुत से युवक पतंगबाज़ी करते हैं और चाइना डोर का इस्तेमाल करते हैं, जो पशु-पक्षियों और इंसानी जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक है।
गुरदासपुर (विनोद) : लोहड़ी के त्योहार पर बहुत से युवक पतंगबाज़ी करते हैं और चाइना डोर का इस्तेमाल करते हैं, जो पशु-पक्षियों और इंसानी जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक है। चाइना डोर फिरने के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। गुरदासपुर के गांव पंधेर के युवक जतिंदर सिंह के माथे पर चाइना डोर फिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे गुरदासपुर के दियोल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसके करीब 35 टांके लगे हैं। चाइना डोर ने उसकी नाक, आइब्रो और माथे को बुरी तरह से काट दिया है।
जानकारी देते हुए युवक जतिंदर सिंह ने बताया कि वह शाम 4 बजे के कऱीब गांव पंधेर से गुरदासपुर अपने भाई की दवाई लेने के लिए जा रहा था। जब वह औजला बाईपास पर पहुंचा तो उसके मोटरसाइकिल के आगे चाइना डोर आ गई चाइना डोर ने उसके माथे और नाक को बुरी तरह से काट दिया और वह ज़ख्मी हो गया इसके बाद उसने अपने कुछ दोस्तों को फोन किया जिन्होंने उसे पहले सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां उसकी हालत को गंभीर देखते उसे गुरदासपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया जहां डॉक्टरों ने उसको 35 के करीब टांके लगाए और उसकी जान बचाई वहीं उसने जिला प्रशासन से अपील कि है चाइना डोर की बिक्री पर रोक लगाई जाए
डॉक्टर दलजीत सिंह ने बताया कि युवक के नाक, आइब्रो और माथे पर काफी बड़ा कट लगा हुआ था और काफी खून बह रहा था। उसके माथे पर 35 के करीब टांके लगे हुए हैं उन्होंने ने बताया कि सिर पर पगड़ी बांधी हुई थी, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई, नहीं तो उसकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि चाइना डोर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।
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