स्कूल को ताला लगाकर दिया धरना

Edited By Sunita sarangal,Updated: 17 Sep, 2019 09:55 AM

the school locked and staged

राज्य सरकार विद्यार्थियों के सुनहरी भविष्य के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है परंतु यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

तपा मंडी(गर्ग, शाम): राज्य सरकार विद्यार्थियों के सुनहरी भविष्य के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है परंतु यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। गांव ढिलवां के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के मुख्य गेट को ताला लगाकर गांव की समूह पंचायतों, इंसाफ पसंद जत्थेबंदियों और स्कूली विद्यार्थियों ने अध्यापकों और प्रिंसीपल की पाई जा रही कमी को लेकर अनिश्चित काल के लिए धरना लगाकर प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। 

इस मौके पर धरने को संबोधन करते हुए भाकियू (सिद्धूपुर) के जिला महासचिव रूप सिंह ढिलवां, भाकियू (डकौंदा) के ब्लाक उपाध्यक्ष बूटा सिंह बराड़, सरपंच जोगिन्द्र सिंह बराड़, गुरुद्वारा साहिब के पूर्व प्रधान गुरजंट सिंह ने कहा कि स्कूल में लगभग 600 विद्यार्थी पढ़ते हैं जिनको पढ़ाने के लिए 47 अध्यापकों में से सिर्फ 23 अध्यापक ही रह गए हैं, सितम्बर महीने में स्कूल प्रिंसीपल भीमसेन शर्मा की बदली होने के कारण पोस्ट खाली हो गई और कुछ अध्यापक अपने गांवों के स्कूलों में बदली करवाकर चले गए हैं जिनकी बदली रद्द की जाए। उन्होंने बताया कि प्रिंसीपल और स्टाफ न होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वे इस समस्या संबंधी डिप्टी कमिश्नर बरनाला, जिला शिक्षा अफसर बरनाला को भी जानकार करवा चुके हैं परंतु उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

इस संबंध में प्रिंसीपल इंचार्ज दलजीत सिंह का कहना है कि 11वीं और 12वीं कक्षा में लगभग 200 के करीब बच्चे पढ़ते हैं जिनको पढ़ाने के लिए 7 लैक्चरारों की जरूरत है, शिक्षा विभाग 100 प्रतिशत परिणाम मांगता है, लैक्चरारों की पोस्टें खाली हैं परिणाम कहां से आएगा? उन्होंने बताया कि प्रिंसीपल समेत 24 पोस्टें खाली होने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो रहा है। सरपंच लखविन्द्र सिंह, सरपंच करमजीत सिंह, गुरजंट सिंह सरपंच, सरपंच गुलाब सिंह, चमकौर सिंह सोसायटी प्रधान, नंबरदार सतविंद्र सिंह सोना, नंबरदार नाहर सिंह, इकबाल सिंह सोसायटी प्रधान आदि ने शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि अगर स्कूल में प्रिंसीपल और स्टाफ की कमी जल्दी पूरी न की गई तो उनका अगला संघर्ष जिला स्तर का होगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

धरने पर पहुंचे जिला शिक्षा अफसर सरबजीत सिंह तूर ने विश्वास दिलाया कि हफ्ते में 3 दिन बतौर डैपुटेशन घुंन्नस के प्रिंसीपल नीरजा बांसल ढिलवां स्कूल का काम देखेंगे इसके अलावा जो अध्यापक बदली करवाकर अन्य स्कूलों में गए हैं उनको अभी इस स्कूल में फिर भेजा जाएगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई खराब न हो और बाकी पोस्टों को पूरी करवाने के लिए शिक्षा विभाग पंजाब को लिख दिया है। फिलहाल धरना उठा दिया गया है। इस मौके पर अमन कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए महिला थानेदार बलविंद्र कौर के नेतृत्व में पुलिस पार्टी तैनात थी।

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