5 पुलिसकर्मियों की रिहाई पर बोले खैहरा, कैप्टन सरकार पर किए तीखे वार

Edited By Mohit,Updated: 15 Oct, 2019 09:05 PM

sukhpal singh khaira

पंजाब एकता पार्टी नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पांच पुलिसकर्मियों, जिन पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप था, की रिहाई के फैसले की आलोचना की।

चंडीगढ़ः पंजाब एकता पार्टी नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पांच पुलिसकर्मियों, जिन पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप था, की रिहाई के फैसले की आलोचना की। खैहरा ने यहां जारी बयान में आरोप लगाया कि यह कदम पंजाब की कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार की सिफारिश पर उठाया गया है तथा यह फर्जी मुठभेड़ का शिकार हुए लोगों के परिजनों के घावों पर नमक छिड़कने के समान है। खैहरा ने कहा कि कैप्टन अमरेंद्र सरकार और मोदी सरकार न्यायिक व्यवस्था का मजाक बना रही हैं। 

उन्होंने कहा कि पंजाब में उग्रवाद के दौर में हुई इन फर्जी मुठभेड़ों के मामलों में यह पुलिसकर्मी अदालतों की तरफ से दोषी पाए गए थे। खैहरा ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ों में निर्दोष लोग मारे गए थे और उनमें एक मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की मौत का मामला शामिल था जिन्हें 1995 में फर्जी मुठभेड़ में मारा गया था। पंजाब एकता पार्टी नेता ने कहा कि खालरा ने पुलिस ज्यादतियोें और फर्जी मुठभेड़ों में 2500 निर्दोष लोगों के मारे जाने का मामला उठाया था। 

खैहरा ने कहा कि खालरा की पत्नी और खालरा मिशन कमिटी को कई वर्ष लगे थे इस मामले में न्याय पाने में और अगर ऐसे पुलिसकर्मियों को रिहा किया जाता है तो यह भारतीय न्याय व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले भी उत्तर प्रदेश पुलिस के चार सदस्यों को रिहा किया गया था जिन पर एक दलित युवक को फर्जी मुठभेड़ में मार देने का आरोप था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की कैप्टन अमरेंद्र सरकार केंद्र की मोदी सरकार के प्यादे के रूप में काम कर रही है और पुलिसकर्मियों की रिहाई में अकाली दल, कैप्टन सरकार की मिली भगत है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!