CM मान के बयान पर SGPC का जवाब, एडवोकेट धामी बोले- इसका जवाब अकाल तख्त साहिब और जत्थेदार देंगे

Edited By Kamini,Updated: 09 May, 2026 04:04 PM

sgpc response to cm mann statement

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने शिरोमणि कमेटी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगत रविदास जी की 650वीं शताब्दी को समर्पित बड़े इवेंट्स की रूपरेखा शेयर की।

अमृतसर (रमन): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने शिरोमणि कमेटी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगत रविदास जी की 650वीं शताब्दी को समर्पित बड़े इवेंट्स की रूपरेखा शेयर की। उन्होंने कहा कि इस बारे में SGPC की बनाई सब-कमेटी की आज एक जरूरी मीटिंग हुई, जिसमें यह तय किया गया कि 18, 19 और 20 फरवरी 2027 को 3 दिन का बड़ा इवेंट किया जाएगा। 

धामी ने कहा कि इवेंट के लिए तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब की जमीन पर विचार किया जा रहा है, हालांकि अभी आखिरी फ़ैसला नहीं हुआ है। इसके साथ ही, भगत रविदास जी की जन्मभूमि से एक बड़ा नगर कीर्तन भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए SGPC अधिकारियों और सदस्यों की एक टीम को आउटलाइन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि भगत रविदास जी की गुरबानी और फलसफे को लोगों तक पहुंचाने के लिए पंजाब के अलग-अलग एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में कम से कम 6 सेमिनार किए जाएंगे। ये सेमिनार “गुरबानी फलसफे और जीवन परीक्षा” टॉपिक पर फोकस होंगे। इसके अलावा, अलग-अलग ऐतिहासिक गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार भी लगाए जाएंगे। 

धामी ने कहा कि भगत रविदास जी के जीवन और गुरबानी पर रिसर्च पर आधारित 202 पेज की एक बुकलेट भी पंजाबी, हिंदी और इंग्लिश में पब्लिश की जाएगी, जिसे नगर कीर्तन और इवेंट्स के दौरान बांटा जाएगा। इस मौके पर उन्होंने सिख स्टूडेंट्स से एग्जाम सेंटर्स से साड़ी और श्री साहिब उतरवाए जाने के मुद्दे पर भी चिंता जताई। धामी ने कहा कि SGPC इस बारे में सरकारी अधिकारियों से फिर बात करेगी ताकि ऐसी घटनाओं को हमेशा के लिए रोका जा सके। 

बेअदबी कानून पर SGPC का जवाब

बेअदबी कानून के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में धामी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को जितनी हो सके उतनी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सख्त कानून बनाने पर किसी को कोई एतराज नहीं है, लेकिन धार्मिक मामलों से जुड़े दूसरे पॉइंट्स पर पंथिक और विद्वान कम्युनिटी से बातचीत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले ही अकाल तख्त साहिब के पास विचाराधीन है और वहां के निर्देशों के अनुसार अगला फैसला लिया जाएगा। धामी ने यह भी कहा कि SGPC हमेशा सिख कोड ऑफ कंडक्ट और पंथिक परंपराओं की रक्षा के लिए कमिटेड रहेगी।

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