26 जुलाई 1999: कारगिल विजय दिवस पर शहीद जांबाजों के शौर्य को सलाम

Edited By Mohit,Updated: 25 Jul, 2020 05:27 PM

salute to soldiers on kargil victory day

आज कारगिल विजय दिवस है यानि ऐसा दिन जब देश का हर नागरिक भारतीय होने पर गर्व महसूस करता है।

होशियारपुर (अमरेन्द्र मिश्रा): आज कारगिल विजय दिवस है यानि ऐसा दिन जब देश का हर नागरिक भारतीय होने पर गर्व महसूस करता है। 3 मई 1999 को शुरू होने वाला कारगिल युद्ध आज के ही दिन यानि 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ था। भारतीय सेनाओं के हाथों पाकिस्तानी सेना की बेमिसाल पराजय का पर्याय बन चुकी 1999 की कारगिल वार को आज 21 वर्ष गुजर चुका है। होशियारपुर में आज भले ही देश की आन बान व शान को बरकरार रखने वालों के लिए आज  विजय दिवस मनाने के लिए समय नहीं हो पर हमें यह नहीं भुलनी चाहिए कि 77 दिनों तक चलने वाली कारगिल वार में जहां देश के कुल 527 जाबांजों में होशियारपुर जिले के 13 सैनिकों ने इस जंग में देश की सरहदों की रक्षा करते हुए अपनी जान की बेमिसाल कुर्बानियां दी थी। इन 13 जवानों ने अपना सर्वस्व देशवासियों के सुनहरे भविष्य के साथ साथ देश की एकता व अखंडता की रक्षा करते हुए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दिया था।

कैसे शुरू हुई थी कारगिल की लड़ाई
बात 3 मई 1999 की है जब कारगिल की पहाड़ियों में एक स्थानींय ग्वाले ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को राशन और हथियारों के साथ चोटियों की ओर जाते देखा था। इसके बाद बटालिक सेक्टर में ले. सौरभ कालिया की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला हुआ और कारगिल में घुसपैठियों की मौजूदगी का खुलासा हुआ। भारत का पाकिस्तान के साथ साल 1999 में हुआ कारगिल युद्ध पाकिस्तान की तबाही के लिए जाना जाता है। वैसे तो ये युद्ध 3 मई 1999 को शुरू हुआ था लेकिन इसकी शुरुआत पाकिस्तान ने साल 1998 में ही कर दी थी। उसने अपने 5,000 सैनिकों को कारगिल की चढ़ाई के लिए भेजा। उन्होंने कारगिल के एक हिस्से को घेर लिया था। इस बात की जानकारी जब भारत सरकार को मिली तो सेना ने पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय शुरू किया। 

घुसपैठियों के रूप में थे पाक सैनिक
कागगिल की चोटी से हो रही बमबारी को देख भारतीय सेना को विश्वास हो गया कि असल में यह पाकिस्तानी फौज द्वारा योजना के तहत बड़े स्तर पर घुसपैठ की गई है। जिसमें बड़ी संख्या में घुसपैठियों की शक्ल में पाक सेना के प्रशिक्षित सैनिक शामिल थे। भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ मिग-27 और मिग-29 का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद जहां भी पाकिस्तान ने कब्जा किया था वहां बम गिराए गए। इसके अलावा मिग-29 की सहायता से पाकिस्तान के कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलों से हमला किया गया। इस युद्ध में बड़ी संख्या में रॉकेट और बम का इस्तेमाल किया गया। बताया जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यही एक ऐसा युद्ध था जिसमें दुश्मन देश की सेना पर इतनी बड़ी संख्या में बमबारी की गई थी।

होशियारपुर जिले के शहीद हुए 13 सैनिकों की सूची
कारगिल वार के दौरान होशियारपुर जिले से संबंधित सैनिकों में जोगिन्दर सिंह निवासी मियाणी(टांडा), देसराज निवासी होशियारपुर, करम सिंह निवासी गांव छन्नाराय ईसखां (भंगाला), बलदेव राज निवासी गांव बीनेवाल(गढ़शंकर), राजिन्दर सिंह  निवासी गांव गोराया (हरियाना), बलविन्दर सिंह निवासी गांव पिपलावालां, कृष्ण मोहन सिंह निवासी गांव डंडोह, रंजीत सिंह निवासी गांव सलेमपुर (दसूहा), पवन कुमार निवासी गांव भंबोतार (मुकेरियां), पवन सिंह निवासी गांव नंगल बिहाला (मुकेरियां), विजय सिंह निवासी गांव कोई (दसूहा), राजेश कुमार निवासी गांव देपुर (दातारपुर) और सुखजिन्दर सिंह निवासी गांव दौलतपुर गिल्लां (हरियाना) ने शहादत दी है।      

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